शिमला , 02 फरवरी 2026, राज्य ब्यूरो चीफ विजय समयाल :

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज शिमला में वन विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए विभाग के अधिकारियों को वर्ष 2030 तक हिमाचल प्रदेश में वन क्षेत्र को वर्तमान 29.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 31 प्रतिशत तक करने के लिए एक व्यापक कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए। वर्तमान में राज्य का कुल वन और वृक्ष आवरण लगभग 29.5 प्रतिशत है, जिसे योजनाबद्ध और सतत तरीके से बढ़ाने की आवश्यकता है
, उन्होंने कहा। के प्रभावों को देखते हुए पर्यावरण संरक्षण राज्य सरकार की प्राथमिकता है और इसलिए विभाग को हर जिले में पौधारोपण के लिए उपयुक्त क्षेत्रों की पहचान कर चरणबद्ध योजना बनानी चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से देशी प्रजातियों, फलदार और औषधीय पौधों के रोपण पर जोर दिया।
सुक्खू ने कहा कि वन विस्तार के साथ-साथ मौजूदा वनों के संरक्षण और स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है, ताकि समग्र वन विकास और जैव विविधता संरक्षण सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से पौधरोपण और संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए ‘राजीव गांधी वन संवर्धन योजना’ शुरू की है। योजना के तहत पिछले वर्ष लगभग 924.9 हेक्टेयर में पौधारोपण किया गया था तथा कई महिला मंडल, युवक मंडल और स्वयं सहायता समूहों ने इसमें योगदान दिया।
आगामी वित्तीय वर्ष के लिए इस योजना के अंतर्गत 5,000 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधारोपण का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से अधिकांश क्षेत्रों की पहचान पहले ही की जा चुकी है और शेष की प्रक्रिया जारी है।

