चम्बा, 8 जून 2026 न्यूज इंडिया आजतक आफिस रिपोर्टर
जिला टीजीटी महासंघ, जिला चम्बा इकाई ने जिला प्रशासन द्वारा जनगणना 2027 के फील्ड कार्य, सर्वेक्षण और सत्यापन को स्कूल/कार्यालय समय के बाद तथा छुट्टियों के दिनों में करवाने संबंधी आदेश का कड़ा विरोध जताया है।
महासंघ ने इसे न केवल अव्यावहारिक बल्कि कर्मचारियों के अधिकारों के खिलाफ और कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन बताया है।महासंघ की जिला इकाई के प्रधान शिवानी शर्मा और सचिव पंकज कुमार ठाकुर ने जारी बयान में कहा कि जिला चम्बा में जनगणना कार्य शुरू होने जा रहा है, जिसके लिए टीजीटी शिक्षकों सहित अन्य कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। लेकिन प्रशासन द्वारा यह निर्देश देना कि यह कार्य स्कूल समय समाप्त होने के बाद या अवकाश के दिनों में किया जाए, जमीनी परिस्थितियों के अनुरूप नहीं है।

महासंघ ने दावा किया कि यह आदेश जनगणना अधिनियम, 1948 की भावना के विपरीत है। संघ के पदाधिकारियों के अनुसार, अधिनियम की धारा 15A स्पष्ट रूप से कहती है कि जनगणना ड्यूटी पर बिताया गया समय कर्मचारी की नियमित सरकारी सेवा का हिस्सा माना जाएगा और उसे “ऑन-ड्यूटी” समझा जाएगा। ऐसे में कर्मचारियों से निजी समय अथवा छुट्टियों में यह कार्य करवाना उचित नहीं है।
महासंघ ने चम्बा जिले की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों का हवाला देते हुए कहा कि कई शिक्षकों के स्कूल और जनगणना क्षेत्र एक-दूसरे से काफी दूर स्थित हैं। पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में स्कूल समय के बाद सर्वेक्षण करना व्यवहारिक रूप से संभव नहीं है।इसके अलावा महिला कर्मचारियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को भी प्रमुखता से उठाया गया।
महासंघ का कहना है कि शाम के समय पहाड़ी क्षेत्रों में सर्वेक्षण करना महिला कर्मचारियों के लिए जोखिमपूर्ण हो सकता है, वहीं पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण भी यह व्यवस्था व्यवहारिक नहीं है।महासंघ ने प्रशासन से “एक समय में एक ही काम” के सिद्धांत को अपनाने की मांग करते हुए कहा कि यदि शिक्षकों से एक साथ शिक्षण कार्य और बाद में जनगणना का दायित्व निभाने की अपेक्षा की जाएगी, तो दोनों कार्यों की गुणवत्ता प्रभावित होगी।
संघ ने माननीय उपायुक्त एवं प्रधान जनगणना अधिकारी से आदेश में तत्काल संशोधन कर जनगणना कार्य के लिए उचित “ऑन-ड्यूटी” समय निर्धारित करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि आदेश में बदलाव नहीं किया गया, तो कर्मचारियों के हितों और महिला सहकर्मियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आगे की रणनीति बनाई जाएगी।

