ग्राम पंचायत टकोली घिर्था के भुंगतियाल गांव में मटमैला पानी, लोग स्वच्छ पेयजल को तरसे
फतेहपुर (SHIMLA) SCB VIJAY SAMYAL
विकास खंड फतेहपुर की ग्राम पंचायत टकोली घिर्था के गांव भुंगतियाल के लोग इन दिनों मटमैला और गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। गांव के लगभग 100 घरों में बीते एक सप्ताह से नलों में गंदा, मिट्टी युक्त पानी आ रहा है, जो न तो पीने योग्य है और न ही पशुओं के उपयोग लायक।

स्थानीय लोगों राकेश कुमार, सुंदर सिंह, गौरव कुमार, मनिकेत सिंह, मदन कुमार, वरियाम चौधरी, रमन कुमार, नंद लाल व रजनीश कुमार सहित उप-प्रधान रविंद्र कुमार ने बताया कि नलकूप टकोली-कुकरियां (भुंगतियाल) से आने वाले पानी में भारी मात्रा में मिट्टी मिली हुई है। हालात इतने खराब हैं कि घरों की पानी की टंकियों में भी मिट्टी जम गई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि ट्यूबवैल की मेन पाइप जगह-जगह से फटी हुई है, जिसके कारण गंदा पानी सीधे नलों में पहुंच रहा है। यह मेन पाइप पिछले करीब पांच वर्षों से लीकेज की समस्या से जूझ रही है और पाइपों में जंग भी लग चुका है। उल्लेखनीय है कि यह ट्यूबवैल लगभग 30 वर्ष पुराना है।
ग्रामीणों ने बताया कि कई बार शिकायतें करने के बाद विभाग ने केवल ट्यूबवैल के पास सड़क किनारे की थोड़ी-सी पाइप बदलकर औपचारिकता निभा दी, जबकि शेष पाइपलाइन जस की तस बनी हुई है। ट्यूबवैल परिसर में मेन पाइप की लीकेज से एक बड़ा गड्ढा बन गया है, जिसमें तीन से चार फुट तक पानी हमेशा भरा रहता है। इससे किसी अनजान व्यक्ति के गिरने का खतरा बना हुआ है। इसके अलावा खेतों में भी एक बड़ा गड्ढा बन गया है, जहां से लगातार पानी का रिसाव हो रहा है।
उप-प्रधान रविंद्र कुमार ने बताया कि गंदे पानी की समस्या को लेकर जल शक्ति विभाग के कनिष्ठ अभियंता को भी अवगत करवाया गया, लेकिन आज तक कोई भी अधिकारी मौके पर निरीक्षण के लिए नहीं पहुंचा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे सहायक अभियंता कार्यालय के समक्ष धरना देने को मजबूर होंगे।
वहीं, जब इस बारे जल शक्ति विभाग के कनिष्ठ अभियंता पंकज कौशल से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि उन्हें समस्या की जानकारी मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि कल मौके पर जाकर समस्या को हल करने का प्रयास किया जाएगा ताकि लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि बोर के नीचे किसी तकनीकी खराबी की आशंका है।

