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*फतेहपुर की बड़ी जीत: मंडी से वापस लौटेगा शाह नहर कार्यालय, सरकार ने जारी की **अधिसूचनाफतेहपुर की जनभावनाओं पर लगी मुहर: शाहनहर कार्यालय की घरवापसी तय
***बड़ी खबर: शाह नहर कार्यालय फिर लौटेगा फतेहपुर, सरकार ने जारी की अधिसूचना

HEADOFFICE BHARMAR NEWS INDIA AAJ TAK 3 JUN 2026B SCB VIJAY SAMYAL
फतेहपुर उपमंडल के लिए एक बड़ी और लंबे समय से प्रतीक्षित खबर सामने आई है। पूर्व में विशेष रूप से फतेहपुर उपमंडल में स्थापित किया गया शाह नहर परियोजना कार्यालय, जिसे पूर्व Jai Ram Thakur सरकार के कार्यकाल में फतेहपुर से मंडी शिफ्ट कर दिया गया था, अब पुनः फतेहपुर लौटने जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा इस संबंध में अधिसूचना जारी किए जाने की सूचना सामने आई है।
जानकारों और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, शाह नहर परियोजना का अधिकांश कार्यक्षेत्र फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है। ऐसे में कार्यालय को मंडी स्थानांतरित किया जाना शुरू से ही क्षेत्रीय लोगों की समझ से परे और प्रशासनिक दृष्टि से असंगत माना जा रहा था। स्थानीय जनता का तर्क रहा कि जिस परियोजना का सीधा संबंध फतेहपुर और आसपास के सिंचाई प्रभावित क्षेत्रों से है, उसका मुख्य कार्यालय उसी क्षेत्र में होना चाहिए ताकि आम लोगों, किसानों और तकनीकी कार्यों में सुविधा बनी रहे।
राजनीतिक हलकों में भी उस समय कार्यालय को मंडी ले जाने के फैसले को लेकर कई तरह की चर्चाएं होती रही थीं। क्षेत्र के लोगों ने इसे केवल प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि कहीं न कहीं “बदले की भावना” से जुड़ा कदम भी बताया था। लोगों का कहना था कि इससे फतेहपुर क्षेत्र की प्रशासनिक महत्ता को कम करने का प्रयास हुआ और स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों की निगरानी भी प्रभावित हुई।
सूत्र बताते हैं कि लंबे समय से जनता, किसान संगठनों और जनप्रतिनिधियों द्वारा इस कार्यालय को वापस फतेहपुर लाने की मांग उठाई जा रही थी। अब सरकार द्वारा अधिसूचना जारी किए जाने के बाद क्षेत्र में खुशी का माहौल है। लोगों को उम्मीद है कि कार्यालय की वापसी से परियोजना कार्यों में तेजी आएगी, किसानों की समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर होगा और प्रशासनिक कार्यप्रणाली भी अधिक प्रभावी बनेगी।
हालांकि, अभी कार्यालय के पूर्ण रूप से शिफ्ट होने की समयसीमा स्पष्ट नहीं हुई है, लेकिन अधिसूचना जारी होने के बाद यह तय माना जा रहा है कि शाह नहर कार्यालय जल्द ही फिर से फतेहपुर में कार्य करना शुरू करेगा। यह फैसला न केवल प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, बल्कि इसे फतेहपुर की जनभावनाओं से जुड़े मुद्दे की जीत के रूप में भी देखा जा रहा है।

