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पुलिस की दिशा सही तरफ
( NEWS INDIA AAJ TAK) 29 JAN 2026,संपादकीय चिंतन, मंथन और विश्लेषण-संपादक राम वत्स

नशा समाज की जड़ों को कमजोर करने वाली सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। इसके खिलाफ लड़ाई केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी और मानवीय सरोकार से भी जुड़ी हुई है। ऐसे में जिला नूरपुर पुलिस और प्रशासन द्वारा नशा निवारण की दिशा में उठाया गया हालिया कदम यह स्पष्ट करता है कि पुलिस की दिशा अब सही और सार्थक मार्ग पर अग्रसर है।

माननीय मुख्यमंत्री जी के ‘एंटी-चिट्टा अभियान’ के अंतर्गत जिला नूरपुर पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम (DIT) द्वारा जिले के 14 नशा निवारण केंद्रों का औचक निरीक्षण किया गया। यह कार्रवाई पूरी तरह सुनियोजित, उद्देश्यपूर्ण और जनहित से प्रेरित रही। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य नशा पीड़ितों को मिल रहे उपचार की गुणवत्ता, केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था तथा मेंटल हेल्थकेयर एक्ट के तहत निर्धारित कानूनी मानकों की वास्तविक स्थिति को परखना था।

अक्सर यह देखा गया है कि नशा निवारण केंद्रों की आड़ में नियमों की अनदेखी होती है और मरीजों के अधिकारों का हनन भी होता है। ऐसे में पुलिस और प्रशासन की यह संयुक्त पहल न केवल जवाबदेही सुनिश्चित करती है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि नशा उन्मूलन के नाम पर किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह कार्रवाई नशा पीड़ितों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण और सुधारात्मक सोच को भी दर्शाती है।

औचक निरीक्षण जैसे कदम नशा माफिया पर अप्रत्यक्ष रूप से भी चोट करते हैं, क्योंकि इससे अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगता है और सुधारात्मक संस्थानों की विश्वसनीयता बढ़ती है। पुलिस का यह रुख स्पष्ट करता है कि नशा केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक पुनर्वास और मानव गरिमा से जुड़ा प्रश्न है।
यह सराहनीय है कि प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि ऐसे निरीक्षण अभियान निरंतर जारी रहेंगे। निश्चित रूप से, यदि इसी प्रतिबद्धता और पारदर्शिता के साथ यह प्रयास आगे बढ़ते रहे, तो नशा नारायण की दिशा में यह कदम एक मजबूत और स्थायी बदलाव की नींव साबित होगा।

