Editorial viewpoint: Brainstorming and analysis, News India Aaj Tak. Chief Editor Ram Prakash Vats
हिमाचल प्रदेश सरकार को चाहिए कि या तो इस अवैध संचालन पर सख्ती से रोक लगाए, या फिर सरकारी स्तर पर BlaBlaCar के समकक्ष एक आधिकारिक परिवहन ऐप शुरू करे,
प्रदेश में कई स्थानों पर निजी (सफेद नंबर प्लेट) वाहन खुलेआम टैक्सी की तरह संचालित हो रहे हैं, और यह सब परिवहन विभाग (RTO) की नाक के नीचे हो रहा है।
हिमाचल प्रदेश में कार-पूलिंग के नाम पर चल रहा BlaBlaCar अब निजी टैक्सी सेवा का रूप लेता जा रहा है। नियमों के अनुसार जहां यह प्लेटफॉर्म केवल साझा यात्रा और खर्चों की हिस्सेदारी तक सीमित होना चाहिए, वहीं जमीनी हकीकत इससे उलट दिखाई दे रही है।
स्थानीय लोगों और यात्रियों का कहना है कि BlaBlaCar पर बुकिंग होते ही यह तय हो जाता है कि अमुक दिन, अमुक समय पर वाहन अमुक स्थान से चलकर निश्चित गंतव्य तक जाएगा, जो किसी भी दृष्टि से कार-पूलिंग नहीं बल्कि पूरी तरह व्यावसायिक टैक्सी सेवा है। कई मामलों में ड्राइवर नियमित रूप से एक ही रूट पर यात्राएं कर रहे हैं और तय राशि वसूल की जा रही है।
यात्री हो रहे परेशान
यात्रियों का आरोप है कि यदि वाहन में पर्याप्त सवारियां नहीं मिलतीं, तो कुछ चालक अपना मोबाइल फोन बंद कर देते हैं या यात्रा का समय मनमाने ढंग से दो-तीन घंटे आगे बढ़ा देते हैं। इससे यात्री घंटों इंतजार करने को मजबूर हो जाते हैं और उन्हें वैकल्पिक साधन तलाशने में भारी परेशानी उठानी पड़ती है। यह स्थिति न केवल अव्यवस्था को दर्शाती है, बल्कि यात्रियों के साथ खुलेआम लूट और धोखाधड़ी का मामला भी बनती है।
RTO विभाग पर उठे सवाल
सबसे गंभीर सवाल यह है कि यह पूरा गोरखधंधा परिवहन विभाग की जानकारी में होने के बावजूद जारी है। न तो नियमित जांच हो रही है और न ही नियमों का उल्लंघन करने वालों पर ठोस कार्रवाई। इससे यह आभास हो रहा है कि विभाग गहरी नींद में है या जानबूझकर आंखें मूंदे हुए है।
सरकार के लिए सुझाव
गौरतलब है कि जब राज्य में टैक्सी परमिट सीमित या बंद किए जा रहे हैं, तब इस तरह का अनियंत्रित निजी टैक्सी संचालन सरकार के राजस्व और कानून व्यवस्था—दोनों के लिए नुकसानदायक है। जानकारों का सुझाव है कि हिमाचल प्रदेश सरकार को चाहिए कि या तो इस अवैध संचालन पर सख्ती से रोक लगाए, या फिर सरकारी स्तर पर BlaBlaCar के समकक्ष एक आधिकारिक परिवहन ऐप शुरू करे, जिससे पारदर्शिता बनी रहे, यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो और राज्य को भी राजस्व प्राप्त हो।
सारगर्भित है कि कार-पूलिंग और टैक्सी सेवा के बीच की रेखा जब पूरी तरह मिट जाए, तो वह सुविधा नहीं बल्कि अव्यवस्था बन जाती है। हिमाचल में BlaBlaCar के नाम पर चल रहा निजी टैक्सी नेटवर्क अब तत्काल सरकारी हस्तक्षेप और सख्त निगरानी की मांग कर रहा है, ताकि यात्रियों का भरोसा और कानून—दोनों सुरक्षित रह सकें।

