Shimla Suter:पंचायतीराज चुनाव-2026 के दौरान विकास खंड कुनिहार में बैलेट पेपर लेखन कार्य के बीच दो बैलेट पेपर गायब होने की घटना ने प्रशासनिक तंत्र में हलचल पैदा कर दी है। चुनाव जैसे संवेदनशील और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के दौरान सामने आई इस चूक ने विभागीय कार्यप्रणाली पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने मामले को हल्के में लेने के बजाय तत्काल कठोर रुख अपनाते हुए बैलेट पेपर लेखन कार्य में तैनात आठ कर्मचारियों के खिलाफ पुलिस थाना कुनिहार में प्राथमिकी दर्ज करवा दी है। इनमें संबंधित सहायक रिटर्निंग अधिकारी (एआरओ) भी शामिल हैं।सूत्रों के अनुसार, पंचायत चुनावों के लिए बैलेट पेपर तैयार करने और प्रत्याशियों के नाम अंकित करने का कार्य विकास खंड कुनिहार में चल रहा था। इसी दौरान रिकॉर्ड के मिलान में दो बैलेट पेपर कम पाए गए, जिससे अधिकारियों में हड़कंप मच गया। मामला सामने आते ही प्रशासन ने विभागीय स्तर पर जांच शुरू कर दी और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए संबंधित कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से चुनाव ड्यूटी से हटा दिया गया।
चुनाव प्रक्रिया की संवेदनशीलता को देखते हुए यह घटना प्रशासन के लिए चिंता का विषय बन गई है। राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है कि आखिर इतनी सख्त निगरानी के बीच बैलेट पेपर कैसे गायब हो गए। हालांकि अधिकारी इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए हर पहलू की गहन जांच की बात कर रहे हैं।खंड विकास अधिकारी एवं रिटर्निंग अधिकारी कुनिहार, Tanmaya Kanwar ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बैलेट पेपर गायब होने का मामला अत्यंत गंभीर है तथा इससे जुड़े सभी रिकॉर्ड और दस्तावेज पुलिस को सौंप दिए गए हैं।
वहीं, Ashok Chauhan ने बताया कि शिकायत के आधार पर पुलिस थाना कुनिहार में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है और जांच के बाद नियमानुसार आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।कुनिहार की यह घटना चुनावी प्रबंधन और निगरानी व्यवस्था पर सवाल जरूर छोड़ गई है, लेकिन अब देखना यह होगा कि जांच में सच्चाई क्या सामने आती है और जिम्मेदारी किस स्तर पर तय होती है।

