SHIMLA,05 JAN 2026 S.C.B VIJAY SAMYAL
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि प्रदेश सरकार ने 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2025 तक दी गई विशेष छूट अवधि के दौरान विभिन्न विभागों में रिकॉर्ड 980 करुणामूलक नियुक्तियां प्रदान की हैं। इनमें 366 तृतीय श्रेणी तथा 614 चतुर्थ श्रेणी (मल्टी टास्क वर्कर) के पद शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कदम मानवीय दृष्टिकोण से उठाया गया है, ताकि वर्षों से प्रक्रियागत देरी के कारण न्याय की प्रतीक्षा कर रहे परिवारों को तुरंत आर्थिक सहारा मिल सके और उनका आत्मसम्मान बहाल हो।
मुख्यमंत्री ने विभागवार आंकड़े साझा करते हुए बताया कि जल शक्ति विभाग में सर्वाधिक 419 नियुक्तियां की गईं, जिनमें 100 तृतीय श्रेणी और 319 चतुर्थ श्रेणी के पद शामिल हैं। इससे लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे परिवारों को बड़ी राहत मिली है। लोक निर्माण विभाग में 175 नियुक्तियां दी गईं, जिनमें 15 जेओए (आईटी) और 160 मल्टी टास्क वर्कर (एमटीडब्ल्यू) शामिल हैं। शिक्षा विभाग में 128 नियुक्तियां हुईं, जिनमें 108 तृतीय श्रेणी और 20 चतुर्थ श्रेणी के पद हैं।
उन्होंने बताया कि गृह विभाग में 75 नियुक्तियां की गईं, जिनमें पुलिस विभाग में 52 और गृह रक्षा विभाग में 23 पद शामिल हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में 34 तथा पशुपालन विभाग में 56 नियुक्तियां प्रदान की गईं। इसके अतिरिक्त आयुष, कृषि, अग्निशमन सेवाएं, ग्रामीण विकास, राजस्व, शहरी विकास, एचपीटीडीसी, एचआरटीसी सहित कुल 19 विभागों में पात्र प्रार्थियों को करुणामूलक आधार पर नियुक्तियां दी गई हैं।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने आरोप लगाया कि पूर्व भाजपा सरकार ने कई वर्षों तक पात्र परिवारों को बिना किसी ठोस कारण के न्याय और सामाजिक सुरक्षा से वंचित रखा, जो एक गंभीर प्रशासनिक विफलता थी। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने पूर्व सरकार की गलतियों और अन्याय को सुधारते हुए प्राथमिकता के आधार पर इन परिवारों को नियुक्तियां प्रदान की हैं।
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार प्रदेश के विकास में योगदान देने वाले कर्मचारियों के कल्याण और उनके परिवारों के आत्मसम्मान की रक्षा के प्रति प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार के सभी निर्णय जनकल्याण की भावना से लिए जा रहे हैं और यह उपलब्धि केवल प्रशासनिक दक्षता नहीं, बल्कि हर पात्र परिवार को सम्मान, संवेदनशीलता और न्याय दिलाने के सरकार के दृढ़ संकल्प को दर्शाती है।

