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छुट्टी के दिन अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर उठे सवाल, नगर पालिका अध्यक्ष आमिर अराफात ने राज्यपाल से की हस्तक्षेप की मांग

RamParkash Vats
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महमूदाबाद (सीतापुर) 05 Jan 20226,S.C.B.अनुज कुमार जैन
नगर में हाल ही में चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। छुट्टी के दिन की गई इस कार्रवाई से प्रभावित गरीब ठेला, फुटपाथी और गुमटी दुकानदारों के समर्थन में आदर्श नगर पालिका परिषद महमूदाबाद के अध्यक्ष आमिर अराफात खुलकर सामने आए हैं। उन्होंने इस कार्रवाई को मनमाना, पक्षपातपूर्ण और जनविरोधी बताते हुए महामहिम राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी महमूदाबाद बी.के. सिंह को सौंपते हुए पूरे प्रकरण में हस्तक्षेप की मांग की है।
नगर पालिका अध्यक्ष द्वारा भेजे गए ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि 3 जनवरी 2026 को हज़रत अली जयंती के अवसर पर अवकाश के दिन नगर विकास बोर्ड महमूदाबाद द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। आरोप है कि इस दौरान न तो मानवीय संवेदनाओं का ध्यान रखा गया और न ही सभी पर समान रूप से नियम लागू किए गए, जिससे सबसे अधिक नुकसान गरीब और कमजोर वर्ग को उठाना पड़ा।
आमिर अराफात के अनुसार प्रशासन ने कार्रवाई से एक दिन पूर्व केवल नालियों व सड़क के मध्य स्थित गुमटियों, झोपड़ियों और ठेलों को हटाने का निर्देश दिया था, लेकिन अभियान के दौरान नालियों के बाहर स्थित ठेले, झोपड़ियां और गुमटियां भी तोड़ दी गईं। इससे अनेक परिवारों की रोजी-रोटी एक झटके में छिन गई।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ बड़े दुकानदारों को पहले से सूचना देकर राहत दी गई, जिससे अभियान की निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गए हैं। वहीं गरीब ठेला व फुटपाथी दुकानदारों को बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के हटाना अमानवीय कदम बताया गया है।
अतिक्रमण हटाओ अभियान से प्रभावित दर्जनों परिवार आज बेरोजगारी और भूखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं। उनके सामने परिवार के भरण-पोषण का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
नगर पालिका अध्यक्ष ने मांग की है कि प्रभावित सभी गरीब, ठेला, फुटपाथी एवं गुमटी दुकानदारों को चिन्हित कर उन्हें तत्काल स्थायी या अस्थायी वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर सकें। साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
इस संबंध में मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश, नगर विकास एवं राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव, जिलाधिकारी सीतापुर सहित अन्य उच्चाधिकारियों को भी ज्ञापन की प्रतिलिपि भेजी गई है।
अतिक्रमण के नाम पर हुई इस कार्रवाई को लेकर नगर में राजनीतिक व सामाजिक हलचल तेज हो गई है, वहीं आने वाले दिनों में इसे लेकर आंदोलन की भी संभावना जताई जा रही है।

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