शिमला, 27/12/2025 ब्यूरो चीफ विजय समयाल
केंद्र सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश को राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया निधि (एनडीआरएफ) के तहत 601.92 करोड़ रुपये की मंजूरी राज्य के आपदा प्रभावित लोगों के लिए बड़ी राहत बनकर आई है। वर्ष 2023 के विनाशकारी मानसून के दौरान आई बाढ़, बादल फटने और भूस्खलन से हिमाचल को भारी नुकसान हुआ था। ऐसे कठिन समय में केंद्र की यह सहायता हिमाचल के पुनर्वास, पुनर्निर्माण और जनजीवन को पटरी पर लाने की दिशा में निर्णायक कदम मानी जा रही है। यह निर्णय दर्शाता है कि आपदा की घड़ी में केंद्र सरकार हिमाचल के साथ मजबूती से खड़ी है।
वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग द्वारा स्वीकृत कुल 1504.80 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता में से पहली किस्त के रूप में 601.92 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। यह राशि गृह मंत्रालय की सिफारिश पर मंजूर की गई, जो केंद्र और राज्य के बीच समन्वय का स्पष्ट उदाहरण है। साथ ही, केंद्र ने यह भी सुनिश्चित किया है कि जारी धनराशि का कम से कम 75 प्रतिशत उपयोग होने के बाद ही अगली किस्त दी जाएगी, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे। यह व्यवस्था धन के सही उपयोग और वास्तविक जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाने की मंशा को मजबूत करती है।
राजनीतिक दृष्टि से यह फैसला मोदी सरकार की हिमाचल हितैषी नीति को रेखांकित करता है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और हमीरपुर से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का आभार जताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने हमेशा हिमाचल को विशेष प्राथमिकता दी है। उनका कहना है कि आपदा प्रबंधन से लेकर बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण तक, केंद्र सरकार ने हिमाचल के लिए उदार दृष्टिकोण अपनाया है, जिसका लाभ सीधे प्रदेश की जनता को मिल रहा है।
केंद्र सरकार द्वारा आरबीआई को तत्काल राशि जारी करने के निर्देश से यह स्पष्ट है कि राहत और पुनर्निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी न हो। टूटी सड़कों, क्षतिग्रस्त पुलों, घरों और जलापूर्ति योजनाओं के पुनर्निर्माण में यह सहायता अहम भूमिका निभाएगी। कुल मिलाकर, यह आर्थिक मदद न केवल हिमाचल के घावों पर मरहम लगाने का काम करेगी, बल्कि राजनीतिक रूप से भी यह संदेश देगी कि राष्ट्रहित के साथ-साथ हिमाचल का हित केंद्र सरकार की प्राथमिकता में सर्वोपरि है।

