Reading: दिनदहाड़े पंचायत परिसर में खूनी हमला, समझौते की बैठक बनी रणभूमि तेजधार हथियार से वार, युवक गंभीर रूप से घायल, पुलिस देरी पर उठे सवाल

दिनदहाड़े पंचायत परिसर में खूनी हमला, समझौते की बैठक बनी रणभूमि तेजधार हथियार से वार, युवक गंभीर रूप से घायल, पुलिस देरी पर उठे सवाल

RamParkash Vats
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Harnota/25/12/2025/News India Aaj Tak News Desk


जवाली विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत हरनोटा में बुधवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब आपसी विवाद के निपटारे के लिए बुलाई गई समझौता बैठक के दौरान पंचायत परिसर में ही एक पक्ष के साथ आए लोगों ने युवक पर तेजधार हथियार से हमला कर दिया। हमले में युवक के सिर और हाथ पर गंभीर चोटें आई हैं। घटना के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत हरनोटा के गांव बंगोली, वार्ड नंबर-4 निवासी रितिक चौधरी और रजत चौधरी ने बताया कि मंगलवार शाम करीब साढ़े सात बजे वे हरनोटा चौक के समीप एक करियाना दुकान से राशन ले रहे थे। राशन लेने के बाद जब वे अपनी बाइक पर बैठ रहे थे, तभी पीछे से केशव पुत्र मीका सिंह ने बेसबॉल जैसे हथियार से उन पर हमला कर दिया। मौके पर मौजूद लोगों ने किसी तरह उन्हें बचाया। इसके बाद उन्होंने वार्ड सदस्य बिपिन कुमार धीमान को फोन पर सूचना दी और घर लौट गए। अगले दिन इस संबंध में पंचायत प्रधान रक्षा देवी और उपप्रधान रफीक मुहम्मद संजू को लिखित शिकायत सौंपी गई।

शिकायत के आधार पर बुधवार को दोनों पक्षों को पंचायत कार्यालय में समझौते के लिए बुलाया गया था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब पंचायत परिसर में समझौते की कार्यवाही चल रही थी, तभी केशव के साथ आए उसके साथियों ने अचानक अशीष कौंडल पर तेजधार हथियार से हमला कर दिया। हमले में अशीष कुमार के सिर और हाथ पर गंभीर चोटें आईं। बताया जा रहा है कि केशव के साथ 20–25 लोग मौजूद थे, जो वारदात को अंजाम देने के बाद फरार हो गए।

घटना के बाद पंचायत कार्यालय में मौजूद लोग सहम गए। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि दिनदहाड़े पंचायत परिसर में इस तरह का हमला बेहद भयावह है। लोगों ने आरोप लगाया कि हमलावर जाते-जाते जान से मारने की धमकियां भी दे गए। स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि पुलिस को सूचना देने के बावजूद करीब ढाई घंटे तक कोई भी मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे लोगों में भारी रोष और शंका उत्पन्न हुई। अंततः पीड़ित पक्ष को स्वयं ही पुलिस थाना जाना पड़ा।

इस मामले में पंचायत प्रधान रक्षा देवी ने बताया कि दोनों पक्षों को आपसी समझौते के लिए बुलाया गया था और कार्यवाही चल ही रही थी कि केशव के साथ आए लोगों ने अचानक हमला कर दिया और फरार हो गए। वहीं उपप्रधान रफीक मुहम्मद संजू ने बताया कि एक पक्ष चौधरी समुदाय से और दूसरा बंगाली समुदाय से संबंधित था। उन्होंने कहा कि घटना की सूचना पुलिस थाना जवाली को दी गई थी, लेकिन वहां से मौके पर आने से मना कर दिया गया।

घटना को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और उन्होंने पंचायत परिसर व सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल पीड़ित पक्ष की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की मांग की जा रही है।

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