Reading: संपादकीय शिक्षा और स्वास्थ्य : हिमाचल के भविष्य पर सवाल

संपादकीय शिक्षा और स्वास्थ्य : हिमाचल के भविष्य पर सवाल

RamParkash Vats
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Editorial Viewpoint: Brainstorming and Analysis, News India Aaj Tak. Chief Editor Ram Prakash Vats

हिमाचल प्रदेश को लंबे समय से शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में अपेक्षाकृत बेहतर राज्य माना जाता रहा है, लेकिन वर्तमान हालात इस छवि पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा रहे हैं। स्कूलों में शिक्षकों की कमी, विशेषकर विज्ञान और तकनीकी विषयों में, प्रदेश की भावी पीढ़ी को प्रतिस्पर्धा की दौड़ में पीछे धकेलने का संकेत दे रही है। कई विद्यालय ऐसे हैं जहां वर्षों से गणित, भौतिकी और रसायन जैसे महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक नहीं हैं, जिससे छात्रों की शैक्षणिक नींव कमजोर हो रही है।
दूसरी ओर, स्वास्थ्य व्यवस्था भी कम चिंताजनक नहीं है। जिला और उपमंडलीय अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों का अभाव आम बात हो गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में हालात और भी गंभीर हैं, जहां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तो हैं, लेकिन विशेषज्ञ सेवाएं नदारद हैं। नतीजतन, गंभीर मरीजों को इलाज के लिए दूर-दराज के शहरों का रुख करना पड़ता है, जिससे समय और संसाधनों दोनों की हानि होती है।
ग्रामीण इलाकों में शिक्षा और स्वास्थ्य की बुनियादी सुविधाओं तक सीमित पहुँच सामाजिक असमानता को और गहरा कर रही है। पहाड़ी प्रदेश में यदि ये दोनों स्तंभ कमजोर होंगे, तो सड़क, भवन और बजट के आंकड़े विकास का वास्तविक पैमाना नहीं बन सकते।
सारगर्भित है कि शिक्षा और स्वास्थ्य किसी भी समाज की रीढ़ होते हैं। यदि इन्हें प्राथमिकता नहीं दी गई, तो विकास केवल सरकारी रिपोर्टों और आंकड़ों तक सिमट कर रह जाएगा। हिमाचल के भविष्य को सुरक्षित करना है, तो शिक्षकों और डॉक्टरों की नियुक्ति, ग्रामीण क्षेत्रों पर विशेष ध्यान और दीर्घकालीन नीति ही एकमात्र रास्ता है

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