भारत के स्वतंत्र सैनानीयों को कोटि-कोटि नमन संपादक राम प्रकाश वत्स
(1903–1988) भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की अग्रणी महिला नेताओं में से एक थीं, जिन्होंने महिला सशक्तिकरण, समाज सुधार, हस्तशिल्प संरक्षण और रंगमंच के विकास में अमूल्य योगदान दिया। उन्हें स्वतंत्र भारत में लुप्तप्राय हथकरघा, हस्तशिल्प और लोक कलाओं को पुनर्जीवित करने वाली प्रमुख हस्ती माना जाता है।

जन्म 3 अप्रैल 1903 को मैंगलोर में हुआ। कम आयु में विवाह और फिर अल्पायु में विधवा होने के बावजूद उन्होंने सामाजिक रूढ़ियों को चुनौती दी और शिक्षा जारी रखी। बाद में उन्होंने कवि एवं नाटककार हरिंद्रनाथ चट्टोपाध्याय से विवाह किया। उन्होंने मद्रास विश्वविद्यालय तथा Bedford College, लंदन से समाजशास्त्र का अध्ययन किया।
महात्मा गांधी से प्रेरित होकर वे 1923 में भारत लौटीं और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ गईं। 1930 के नमक सत्याग्रह में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित कराने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। वे नमक कानून तोड़ने के कारण गिरफ्तार होने वाली पहली महिलाओं में शामिल थीं।वे भारतीय राजनीति में भी सक्रिय रहीं और मद्रास विधानसभा चुनाव लड़ने वाली शुरुआती भारतीय महिलाओं में गिनी जाती हैं। साथ ही, वे कांग्रेस समाजवादी पार्टी की संस्थापक सदस्यों में शामिल थीं।


