धार्मिक वातावरण और भक्तिमय भजनों से पूरा क्षेत्र भक्तिरस में सराबोर रहा।
जवाली रिपोर्टर: डॉ. एन. के. शर्मा
उपमंडल जवाली के अंतर्गत टियुकरी गांव स्थित राधा कृष्ण एवं शिव मंदिर में 12 दिसंबर से 20 दिसंबर तक आयोजित श्रीमद् देवी भागवत कथा के आठवें दिन कथावाचक श्री रघुनंदन सारस्वत जी ने श्रद्धालुओं को धर्म का वास्तविक स्वरूप समझाया। उन्होंने कहा कि आज मनुष्य अक्सर दिखावे के लिए धार्मिक कार्य करता है, जबकि सच्चा धर्म वह नहीं है जो केवल पूजा-पाठ तक सीमित हो, बल्कि वही धर्म है जिसे जीवन में धारण किया जाए, जिससे किसी को कष्ट न पहुंचे और समाज में व्याप्त कुरीतियों का नाश हो।

कथावाचक ने कहा कि शास्त्रों में नर्क का वर्णन मनुष्य को भयभीत करने के लिए नहीं, बल्कि उसे बुरे कर्मों से रोकने के लिए किया गया है, ताकि वह कोई भी गलत कार्य करने से पहले उसके प्रतिफल के बारे में विचार करे और अधर्म के मार्ग पर न चले। धर्म का उद्देश्य मानव जीवन को मर्यादित, करुणामय और समाजोपयोगी बनाना है।
कथा आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। आयोजन समिति ने जानकारी दी कि प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक कथापाठ तथा शाम 7 बजे संध्या वंदन किया जा रहा है। कथा का समापन 20 दिसंबर को होगा। इस दिन सुबह 8 बजे हवन-यज्ञ आयोजित किया जाएगा, जबकि दोपहर 11 बजे से 1 बजे तक अंतिम कथा का आयोजन होगा। इसके उपरांत श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया जाएगा।

