जवाली,17/12/2025/ (Dr NK Sharma):
उपमंडल जवाली के अंतर्गत टियुकरी गांव स्थित राधा-कृष्ण एवं शिव मंदिर में 12 दिसंबर से 20 दिसंबर तक आयोजित श्रीमद् देवी भागवत कथा के छठे दिन श्रद्धा और भक्ति का विशेष वातावरण देखने को मिला। कथा व्यास श्री रघुनंदन सारस्वत जी ने महिषासुर वध हेतु जगतजननी भगवती के प्राकट्य की कथा का विस्तारपूर्वक वर्णन किया।
कथावाचक ने कहा कि मनुष्य को भगवती की सच्ची आराधना के लिए अपने जीवन में काम, क्रोध और वाणी पर संयम रखना अत्यंत आवश्यक है। जब तक मनुष्य अपने मन को शांत कर इन विकारों पर नियंत्रण नहीं करता, तब तक आध्यात्मिक उन्नति संभव नहीं है। उन्होंने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में सकारात्मक परिवर्तन तभी आता है, जब हम आत्मसंयम और सदाचार को अपनाते हैं।
कथा के दौरान देवी महात्म्य के प्रसंगों ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया और श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से कथा श्रवण किया। आयोजन समिति ने जानकारी दी कि प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक कथा पाठ किया जा रहा है, जबकि संध्या वंदन शाम 7 बजे होता है।समापन दिवस 20 दिसंबर को प्रातः 8 बजे हवन-यज्ञ का आयोजन किया जाएगा। इसके उपरांत दोपहर 11 बजे से 1 बजे तक अंतिम कथा होगी और फिर प्रसाद वितरण किया जाएगा। क्षेत्र के श्रद्धालुओं में इस धार्मिक आयोजन को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है।

