Feathpur/27/05/2026/राज्य चीफ ब्यूरो विजय समयाल
फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा की राजनीति इन दिनों एक पोस्टर विवाद को लेकर चर्चाओं के केंद्र में बनी हुई है। भाजपा समर्थित जिला परिषद प्रत्याशी मनोह-सिहाल वार्ड के पोस्टरों, बैनरों और सोशल मीडिया प्रचार सामग्री से पूर्व मंत्री एवं भाजपा नेता Rakesh Pathania की तस्वीर गायब होने के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। यह मामला थमने का नाम नहीं ले रहा और क्षेत्र में इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं सुनने को मिल रही हैं।
राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि पहले नामांकन के समय और चुनावी प्रचार की शुरुआत में पोस्टरों में पूर्व मंत्री राकेश पठानिया की तस्वीर प्रमुखता से दिखाई देती थी, लेकिन अब अचानक तस्वीर हटने से भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच सवाल उठने लगे हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने क्षेत्र की राजनीति में नया तूफान खड़ा कर दिया है।
चर्चाओं के अनुसार, पहले भी भाजपा के भीतर सांसद Rajeev Bhardwaj, विधायक Nikam Ram और पूर्व मंत्री राकेश पठानिया के बीच मतभेदों की चर्चाएं सामने आती रही हैं। हालांकि इन चर्चाओं पर किसी भी पक्ष की ओर से आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है, लेकिन पोस्टर प्रकरण के बाद राजनीतिक अटकलों का बाजार और गर्म हो गया है।
“जो अपने नेता का नहीं हुआ, वो आम जनता का क्या होगा?”
भाजपा समर्थक कार्यकर्ताओं के बीच यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि जिन नेताओं के सहयोग और राजनीतिक समर्थन से पहचान बनी, उनकी तस्वीरों को प्रचार सामग्री से हटाना क्या संकेत देता है। कई कार्यकर्ता इसे राजनीतिक उपेक्षा के रूप में देख रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे चुनावी रणनीति का हिस्सा भी मान रहे हैं।
समर्थकों में नाराजगी, जवाब की मांग
फतेहपुर क्षेत्र में अब यह मामला चर्चा का प्रमुख विषय बन चुका है। समर्थकों का कहना है कि यदि अपने वरिष्ठ नेता को प्रचार सामग्री में स्थान नहीं दिया गया, तो इससे कार्यकर्ताओं की भावनाओं पर असर पड़ सकता है। वहीं, कई लोग इस पूरे मामले पर भाजपा नेतृत्व और संबंधित प्रत्याशी से स्पष्ट जवाब की मांग कर रहे हैं।फिलहाल पोस्टरों से तस्वीर गायब होने का यह मामला फतेहपुर भाजपा की राजनीति में नई बहस को जन्म दे रहा है और आने वाले दिनों में इसका राजनीतिक असर किस दिशा में जाएगा, इस पर सबकी नजर बनी हुई है।

