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नशे के खिलाफ निर्णायक अभियान: सीएम सुक्खू स्वयं कर रहे हैं निगरानी, जल्द दिखेंगे सकारात्मक परिणाम

RamParkash Vats
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HAMIRPUR:
प्रदेश सरकार नशे के खिलाफ चलाए जा रहे महाअभियान से शीघ्र ही ठोस और सकारात्मक परिणाम देखना चाहती है। इसी उद्देश्य से इस मुहिम की बागडोर स्वयं मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने संभाल रखी है और वे इसकी लगातार व्यक्तिगत रूप से निगरानी कर रहे हैं। सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि हिमाचल को नशा-मुक्त बनाकर युवाओं के भविष्य को सुरक्षित किया जाए।

इसी कड़ी में हमीरपुर में आयोजित एंटी चिट्टा जागरूकता वॉकथॉन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार चिट्टा सौदागरों की पहचान कर उनके नाम और पूरे नेटवर्क को जड़ से समाप्त करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल एक सरकारी अभियान नहीं, बल्कि जन आंदोलन, प्रदेशवासियों की सामूहिक पुकार और हिमाचल की अस्मिता की निर्णायक लड़ाई है।

मुख्यमंत्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (छात्र) के खेल मैदान से पुलिस लाइन दोसड़का ग्राउंड तक आयोजित वॉकथॉन का नेतृत्व करते हुए युवाओं और आमजन के साथ पैदल चले। उन्होंने बताया कि इस महा अभियान को शुरू हुए 30 दिन पूरे हो चुके हैं। इसी दौरान 22 नवंबर को हिमाचल के इतिहास में पहली बार पूरे प्रदेश में पुलिस द्वारा एक साथ 121 स्थानों पर छापेमारी की गई। इसके तीन दिन बाद 41 शिक्षण संस्थानों, 598 दुकानों, बाजारों और कॉलेज परिसरों के आसपास गहन तलाशी अभियान चलाया गया, जिसमें 12 एनडीपीएस मामले दर्ज किए गए और 385 चालान किए गए।

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि 7 दिसंबर को पीआईटी और एनडीपीएस अधिनियम के तहत प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से एक साथ 16 नामी तस्करों को हिरासत में लिया गया। अब तक इन कानूनों के अंतर्गत 63 तस्करों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इसके अतिरिक्त 1214 तस्करों और संदिग्धों की पहचान की गई है, जबकि 950 अवैध संपत्तियों को चिन्हित किया गया है।

चिट्टे के खिलाफ आर-पार की लड़ाई:मुख्यमंत्री सुक्खू ने दो टूक शब्दों में कहा कि हिमाचल प्रदेश चिट्टे के खिलाफ निर्णायक जंग लड़ रहा है। युवाओं के भविष्य को खोखला कर रहे इस घातक नशे को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चिट्टा रूपी दीमक को जड़ से समाप्त करने के लिए सरकार सख्त और ठोस कदम उठा रही है।

सूचना देने पर मिलेगा इनाम:मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि चिट्टा माफिया और उनसे जुड़े तस्करों की सूचना देने वालों को 10 हजार रुपये से लेकर 10 लाख रुपये तक का इनाम दिया जाएगा। साथ ही सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। उन्होंने वीरभूमि हमीरपुर से समाज के सभी वर्गों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

वॉकथॉन से पूर्व मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों को नशे और मादक पदार्थों के सेवन के खिलाफ जागरूकता की शपथ दिलाई। वॉकथॉन के दौरान उन्होंने बच्चों से संवाद कर उन्हें अपने आसपास के लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर पुलिस विभाग द्वारा नशे के दुष्प्रभावों पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए।

इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा बिट्टू, विधायक सुरेश कुमार व कैप्टन रणजीत सिंह, एपीएमसी अध्यक्ष अजय शर्मा, मुख्य सचिव संजय गुप्ता, पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी, उपायुक्त अमरजीत सिंह, पुलिस अधीक्षक बलबीर सिंह सहित प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे

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