शिमला/नई दिल्ली/16/12/2025/ Editor Ram parkash Vats ;-हिमाचल प्रदेश के हितों को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार राजधानी दिल्ली में एक सशक्त और आधुनिक बुनियादी ढांचा खड़ा कर रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार को द्वारका स्थित निर्माणाधीन हिमाचल निकेतन का निरीक्षण किया और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना को अगले छह महीनों के भीतर हर हाल में पूरा किया जाए।
करीब 145 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे हिमाचल निकेतन की प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना दिल्ली आने वाले हिमाचल वासियों के लिए सुविधाजनक, सुरक्षित और सम्मानजनक ठहराव सुनिश्चित करेगी। परियोजना के पूर्ण होने पर हिमाचल निकेतन में कुल 107 कमरे उपलब्ध होंगे, जो राज्य से आने वाले लोगों की बढ़ती जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किए जा रहे हैं।
हिमाचल निकेतन को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। इसमें रेस्टोरेंट, बैंक्वेट हॉल, मल्टीपर्पज और मीटिंग हॉल, डॉरमिट्री, पर्याप्त पार्किंग, सुंदर लैंडस्केप गार्डन और पर्यावरण के अनुकूल इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निकेतन लगभग फाइव-स्टार स्तर की सुविधाएं प्रदान करेगा, जिससे आम हिमाचलवासी भी राजधानी में बेहतर अनुभव प्राप्त कर सकेगा।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने विशेष रूप से कहा कि इलाज, शिक्षा और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए दिल्ली आने वाले छात्रों और मरीजों को इस निकेतन से बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता से कोई समझौता न हो और तय समयसीमा का कड़ाई से पालन किया जाए।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने परियोजना की सराहना करते हुए कहा कि हर वर्ष बड़ी संख्या में छात्र और मरीज हिमाचल से दिल्ली आते हैं। हिमाचल निकेतन के निर्माण से उनके ठहराव की व्यवस्था सुदृढ़ होगी और उन्हें अनावश्यक परेशानियों से मुक्ति मिलेगी।
निरीक्षण के दौरान लोक निर्माण विभाग के प्रधान सचिव देवेश कुमार ने मुख्यमंत्री को परियोजना की तकनीकी स्थिति और निर्माण कार्य की प्रगति की विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार, प्रधान आवासीय आयुक्त अजय यादव, मुख्यमंत्री के विशेष कार्याधिकारी कर्नल (सेवानिवृत्त) के.एस. बन्श्तु सहित पीडब्ल्यूडी के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
हिमाचल निकेतन के पूरा होने से राष्ट्रीय राजधानी में हिमाचल प्रदेश की मौजूदगी और पहचान और अधिक मजबूत होगी। यह परियोजना न केवल प्रदेशवासियों के लिए सुविधा केंद्र बनेगी, बल्कि राजधानी में हिमाचल की सशक्त, आधुनिक और जनहितकारी छवि को भी स्थापित करेगी।

