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पिता का साया बचपन में उठा, माँ के संघर्ष और गुरुजनों के मार्गदर्शन से हिमांशी बनी TGT आर्ट्सभुजोंड की बेटी ने 425 पदों वाली भर्ती में हासिल की सफलता, क्षेत्र में खुशी की लहर

RamParkash Vats
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रसिरमौर / संगड़ाह/ कपिल शर्मा की रिपोर्ट

ग्राम पंचायत भाटन के अंतर्गत गांव भुजोंड की बेटी हिमांशी ने HPRCA द्वारा आयोजित TGT आर्ट्स भर्ती परीक्षा में सफलता प्राप्त कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। 425 पदों वाली इस भर्ती में चयनित होकर हिमांशी ने यह साबित कर दिया कि कठिन परिस्थितियां भी दृढ़ संकल्प और मेहनत के आगे टिक नहीं सकतीं।हिमांशी जब मात्र चार वर्ष की थीं, तब एक सड़क दुर्घटना में उनके पिता स्वर्गीय मुलतान सिंह का निधन हो गया था। इसके बाद उनकी माता सुरेखा देवी, जो आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं, ने अकेले ही परिवार की जिम्मेदारियां संभालीं और अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने के लिए दिन-रात मेहनत की।अपनी सफलता पर हिमांशी ने कहा कि इस उपलब्धि का पूरा श्रेय उनकी माता और गुरुजनों को जाता है। उन्होंने कहा, “मेरी माता ने हर कठिन परिस्थिति में मेरा हौसला बढ़ाया और कभी मुझे पिता की कमी महसूस नहीं होने दी। वहीं मेरे गुरुजनों ने सही मार्गदर्शन देकर मुझे आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।”हिमांशी की इस उपलब्धि से भुजोंड गांव सहित पूरे संगड़ाह क्षेत्र में खुशी का माहौल है। क्षेत्रवासियों ने इसे संघर्ष, समर्पण और शिक्षा की शक्ति का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए हिमांशी तथा उनकी माता को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।माँ के संघर्ष, बेटी की मेहनत और गुरुजनों के मार्गदर्शन ने रची सफलता की नई कहानी।

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