Kangra /16/12/2025/SCB Vijay Samyal
फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज होती नजर आ रही है। इसी कड़ी में ग्राम पंचायत बरोट में भाजपा कार्यकर्ताओं ने एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया, जो राजनीतिक दृष्टि से कई संकेत देने वाली रही।
यह बैठक वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता स्वर्ण सिंह राणा के आवास पर आयोजित की गई, जिसमें लगभग 200 कार्यकर्ताओं की सहभागिता ने इसे शक्ति प्रदर्शन का रूप दे दिया।
बैठक में पूर्व ओबीसी अध्यक्ष ओ.पी. चौधरी, भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश अध्यक्ष मदन सिंह राणा, भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष पंकज शर्मा (हैपी), जिला महामंत्री कुलदीप डोगरा, भाजपा नेत्री नरेश गुलेरिया, युवा मोर्चा से नवीन बटलाड़िया व विनोद लवली तथा रविन्द्र उपाध्याय सहित अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
राजनीतिक मंथन का केंद्र बिंदु स्पष्ट रूप से आगामी विधानसभा चुनावों में फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र से “धरतीपुत्र” को भाजपा का टिकट दिए जाने की मांग रहा। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि क्षेत्र की भौगोलिक, सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए स्थानीय नेतृत्व को आगे लाना समय की मांग है। उनका तर्क था कि धरातल से जुड़े प्रत्याशी को टिकट मिलने से संगठन और जनता के बीच विश्वास और मजबूत होगा।
बैठक में यह भी संदेश दिया गया कि यदि भाजपा हाईकमान फतेहपुर से किसी भी योग्य धरतीपुत्र को प्रत्याशी बनाता है, तो सभी कार्यकर्ता मतभेद भुलाकर एकजुट होकर उसके समर्थन में चुनाव लड़ेंगे। नेताओं ने 2027 के विधानसभा चुनावों में फतेहपुर सीट भाजपा की झोली में डालने का संकल्प दोहराया।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, “अबकी बार धरतीपुत्र” का नारा केवल भावनात्मक अपील नहीं, बल्कि क्षेत्रीय अस्मिता और स्थानीय नेतृत्व को प्राथमिकता देने की रणनीति का संकेत है।
यह बैठक भाजपा संगठन के भीतर जमीनी स्तर पर उभरती उस सोच को दर्शाती है, जिसमें चुनावी सफलता के लिए स्थानीय स्वीकार्यता को निर्णायक माना जा रहा है।
बैठक के अंत में भाजपा हाईकमान से औपचारिक रूप से आग्रह किया गया कि फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र की जनभावनाओं का सम्मान करते हुए टिकट वितरण में धरतीपुत्र को प्राथमिकता दी जाए। यह संदेश अब संगठनात्मक सीमाओं से निकलकर प्रदेश स्तर की राजनीति में अपनी जगह बनाता दिखाई दे रहा है।

