*********किलकारी कार्यक्रम क्या है?**********
संपादक राम प्रकाश वत्स
किलकारी स्वास्थ्य विभाग का एक मातृ-शिशु स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम है। इसके तहत गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की माताओं को मोबाइल फोन पर स्वास्थ्य संबंधी जानकारी, जांच, टीकाकरण और पोषण से जुड़ी ऑडियो-संदेश सेवाएँ भेजी जाती हैं।इसका उद्देश्य माँ और बच्चे दोनों की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा समय-समय पर आवश्यक सलाह पहुँचाना है।

सिविल अस्पताल ज्वाली में आज किलकारी कार्यक्रम के अंतर्गत एक दिवसीय कार्यशाला का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाना, आशा कार्यकर्ताओं को अद्यतन जानकारी प्रदान करना तथा समुदाय तक स्वास्थ्य संबंधी संदेश को व्यवस्थित तरीके से पहुँचाना था। कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत एसएमओ इंचार्ज इरशान मोहम्मद ने की, जिन्होंने किलकारी कार्यक्रम की मूल भावना—‘स्वस्थ माँ, स्वस्थ शिशु’—पर प्रकाश डाला।

कार्यशाला में विभिन्न स्वास्थ्य इकाइयों से आए लगभग 70 आशा कार्यकर्ताओं के साथ-साथ अस्पताल का पूरा स्टाफ उपस्थित रहा। मौके पर डॉक्टर मनीषा सूरी, डॉक्टर रितु, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक रविंद्र कुमार, स्वास्थ्य कार्यकर्ता तथा ज्वाली फील्ड के सभी सीएचओ भी मौजूद रहे। सभी प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह के साथ सत्रों में भाग लिया और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए अपने अनुभव भी साझा किए।

इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रोग्राम ऑफिसर मंगल सिंह रहे, जो अरमान संस्था से संबद्ध हैं। उन्होंने किलकारी कार्यक्रम की संरचना, उद्देश्य और कार्यप्रणाली के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं और नवमाताओं को समय-समय पर आवश्यक स्वास्थ्य संदेश भेजकर जागरूकता बढ़ाने में मदद करता है। इसके तहत टीकाकरण, पोषण, स्तनपान, प्रसवपूर्व और प्रसवोत्तर देखभाल से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ माताओं तक सीधे पहुँचाई जाती हैं।

