धर्मशाला/ 04/12/2025 /ब्यूरो चीफ विजय समयाल
धौलाधार पर्वत श्रृंखलाओं की गोद में बसे कांगड़ा के प्रतिष्ठित धौलाधार होटल में गुरुवार देर शाम अचानक लगी भीषण आग ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में होटल परिसर घने धुएँ और लपटों से घिर गया। आग लगते ही स्टाफ ने तुरंत मेहमानों को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू की और होटल को पूरी तरह खाली कराया
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घटना के पीछे गैस सिलेंडर फटने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि प्रशासन ने कहा है कि इसकी आधिकारिक पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही होगी। होटल प्रबंधन ने भी आग के सही कारणों पर कोई औपचारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि एक तेज धमाके के बाद आग ने भयंकर रूप ले लिया।
घटना की सूचना मिलते ही प्रदेश सरकार में कैबिनेट रैंक पर आसीन आर.एस. बाली तुरंत मौके पर पहुँचे। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों का प्रत्यक्ष रूप से निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके साथ ही कांगड़ा के उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुँचे और रेस्क्यू ऑपरेशन की कमान संभाली। प्रशासन ने आसपास के क्षेत्र को पूरी तरह सील कर दिया ताकि भीड़ जमा न हो और राहत कार्यों में बाधा न आए।
दमकल विभाग की तीन से चार गाड़ियाँ लगातार मोर्चे पर डटी रहीं। तेज हवा और लकड़ी के हिस्सों के कारण आग को काबू करने में कठिनाई आई, लेकिन फायर कर्मियों ने लगभग तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग को काफी हद तक नियंत्रित कर लिया। रात्रि के समय भी दमकल दल मौके पर तैनात रहा ताकि किसी भी प्रकार की दोबारा सुलगने की स्थिति को रोका जा सके।
सबसे राहत की बात यह है कि अब तक किसी जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है। सभी मेहमानों और कर्मचारियों को समय रहते बाहर निकाल लिया गया। हालांकि होटल के कई हिस्सों के जलने की आशंका के चलते भारी आर्थिक नुकसान की संभावना जताई जा रही है। होटल के अंदरूनी हिस्से, फर्नीचर और कुछ इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुँचा है।
प्रशासन ने आग लगने के सटीक कारणों की जांच शुरू कर दी है। फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है, जो घटनास्थल का निरीक्षण कर आग के स्रोत और फैलाव के कारणों का पता लगाएगी।
स्थानीय लोगों ने दमकल कर्मियों और प्रशासन की तत्परता की सराहना की है, जिसने बड़ी दुर्घटना होने से बचा लिया।
धौलाधार होटल में लगी आग ने एक बार फिर पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा मानकों की समीक्षा की आवश्यकता को सामने ला दिया है।

