शिमला/30/11/2015/रराज्य चीफ़ ब्यूरो विजय समयाल
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन के साथ राजनीतिक तापमान बढ़ गया है।मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस मौके पर प्रतिभा सिंह के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने संगठन को मजबूत आधार दिया, जिसके परिणामस्वरूप प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनी। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि यशवंत सिंह परमार के बाद पहली बार सिरमौर को प्रदेश अध्यक्ष का दायित्व मिला है, जो पार्टी के अंदर क्षेत्रीय संतुलन का संकेत है।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने हाईकमान के फैसले का पूरा समर्थन करते हुए कहा कि वह उसके साथ चट्टान की तरह खड़े हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि विनय कुमार की नियुक्ति संगठन को नई दिशा देगी और पार्टी कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरेगी। सुक्खू ने कहा कि भाजपा को हराना कोई बड़ी चुनौती नहीं है और विनय कुमार के नेतृत्व में कांग्रेस 2027 में दोबारा सत्ता में लौटने का विश्वास रखती है। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता अभी से आगामी चुनावों की तैयारी में जुट जाएं।
सरकारी गारंटियों को लेकर भी मुख्यमंत्री ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने बताया कि दो गारंटी अभी शेष हैं, जिन्हें आने वाले बजट में शामिल किया जाएगा। साथ ही उन्होंने ओपीएस का मुद्दा भी उठाया और कहा कि सरकार इस पर अपने फैसले से पीछे नहीं हटेगी। सुक्खू ने यह भी बताया कि संगठन में नए सदस्य जोड़ने के प्रयास पहले पूरे नहीं हो सके थे, लेकिन अब विनय कुमार के नेतृत्व में इस दिशा में तेजी आएगी।
सुक्खू ने अपने संबोधन में राजनीतिक चुनौतियों का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि सरकार को अस्थिर करने की कोशिश की गई और छह विधायक पार्टी छोड़कर चले गए, फिर भी कांग्रेस ने अपने जनाधार के दम पर दोबारा 40 सीटें हासिल कीं। उन्होंने कहा कि जमीन से जुड़े और कार्यकर्ता-आधारित टिकट वितरण ने पार्टी में विश्वास बढ़ाया है। आने वाले 11 दिसंबर को होने वाले कार्यक्रम को उन्होंने संगठनात्मक एकजुटता और शक्ति प्रदर्शन का अवसर बताया।

