शिमला, 28/11/2025 ब्यूरो चीफ विजय समयाल
भाजपा द्वारा कर्मचारियों और पेंशनरों के मुद्दों पर सरकार को घेरने के बाद सत्ता पक्ष कांग्रेस ने भी पलटवार तेज कर दिया। कांग्रेस विधायकों ने मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि आपदा के कठिन समय में हिमाचल प्रदेश के साथ खुला भेदभाव किया जा रहा है। सत्ता पक्ष का कहना है कि राज्य में आई प्राकृतिक आपदाओं के बाद प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 1500 करोड़ रुपये की राहत राशि अभी तक प्रदेश को नहीं मिली है, जबकि पीडीएनए (Post-Disaster Needs Assessment) की धनराशि भी केंद्र स्तर पर लंबित पड़ी है।
कांग्रेस विधायकों ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार राजनीतिक आधार पर हिमाचल को सहायता देने में ढिलाई बरत रही है, जबकि राज्य लगातार आपदा प्रभावित क्षेत्रों के लिए राहत और पुनर्वास कार्यों में आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। सत्ता पक्ष ने विधानसभा गेट पर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए सवाल उठाया—
“आपदा में हिमाचल की मदद कब मिलेगी? केंद्र हमारे साथ ऐसा भेदभाव क्यों कर रहा है?”
इस मुद्दे पर हुए आक्रामक प्रदर्शन के दौरान भाजपा और कांग्रेस विधायकों के आमने-सामने आने से तनाव बढ़ता दिखा। दोनों पक्षों के बीच कई बार स्थिति तल्ख हुई, हालांकि सुरक्षा कर्मियों ने तत्काल हस्तक्षेप कर माहौल को नियंत्रित कर लिया।कांग्रेस का यह पलटवार साफ संकेत देता है कि सत्ता पक्ष केंद्र–राज्य संबंधों को बड़ा सियासी मुद्दा बनाकर विपक्ष की आलोचना का जवाब देना चाहता है।

