Dharamshala/26/11/2025 ब्यूरो चीफ विजय समयाल
Dharamshala हिमाचल प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र की शुरुआत हंगामे, आरोप-प्रत्यारोप और विरोध प्रदर्शनों के बीच हुई। पहले ही दिन सदन का माहौल उस समय गरमा गया जब पंचायती व शहरी निकाय चुनावों में देरी को लेकर विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधते हुए स्थगन प्रस्ताव लाने की मांग की।
विपक्ष भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायकों ने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर Panchayati Raj व Urban Local Bodies के चुनावों को टाल रही है। उनका कहना था कि चुनाव संवैधानिक दायित्व हैं और समय पर न होने से लोकतांत्रिक व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगता है। विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार से स्पष्ट जवाब की मांग की, जिसके चलते सदन में तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
दूसरी ओर, सरकार ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि चुनाव प्रक्रिया कानून व नियमों के अनुसार ही पूरी की जाएगी। सरकार की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि चुनाव आयोग की अनुशंसा और आवश्यक कानूनी प्रावधानों के तहत ही समयसीमा तय की जाती है। संसदीय कार्य मंत्री ने विपक्ष पर सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि “सरकार पारदर्शिता के साथ काम कर रही है, और पंचायत चुनावों में किसी भी प्रकार की देरी का आरोप बेबुनियाद है।”
सदन परिसर के बाहर भी तनाव कम नहीं हुआ। चुराह क्षेत्र के एक कांग्रेस विधायक पर लगे दुष्कर्म के आरोपों को लेकर कांग्रेस विधायकों ने ही जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी के भीतर ही नाराज़गी दिखाई दी और प्रदर्शनकारियों ने तत्काल इस्तीफा व कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई। हाथों में तख्तियां लिए कार्यकर्ताओं व विधायकों ने कहा कि पार्टी शून्य सहनशीलता की नीति पर कायम है और ऐसी घटनाओं पर कठोर कदम उठाए जाने चाहिए।सत्र की शुरुआत जिस तरह हंगामेदार रही, उससे संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में भी सदन में चुनौतियां और राजनीतिक तापमान बना रहेगा।

