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महमूदाबाद, सीतापुर 27:05:2026/राज्य चीफ ब्यूरो – अनुज कुमार जैन
सीतापुर जनपद की तहसील महमूदाबाद क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने राजस्व विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि विभागीय उदासीनता और निगरानी की कमी के चलते सरकारी बंजर भूमि पर अवैध कब्जों और निर्माण कार्यों का खेल खुलेआम जारी है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या राजस्व विभाग गहरी नींद में सोया हुआ है और क्या सरकारी जमीनों को बचाने की जिम्मेदारी अब केवल कागजों तक सीमित रह गई है?

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ताजा मामला ग्राम सेमरी, परगना सदरपुर का है, जहां गांव निवासी विपिन कुमार पुत्र जगदम्बा ने जिलाधिकारी सीतापुर को प्रार्थनापत्र सौंपकर सरकारी बंजर भूमि पर कथित अवैध कब्जे और निर्माण की शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि गांव में स्थित गाटा संख्या 447, जो बंजर भूमि के रूप में दर्ज है, उस पर कुछ दबंग भूमाफिया कब्जा जमाने की कोशिश कर रहे हैं।

बताया गया कि गाटा संख्या 447 के बगल में गाटा संख्या 446 स्थित है और कथित कब्जाधारी उसी की आड़ लेकर सरकारी बंजर भूमि पर निर्माण कार्य करा रहे हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया तो सरकारी जमीन पर स्थायी कब्जा हो सकता है, जिससे भविष्य में सरकारी संपत्ति को मुक्त कराना मुश्किल हो जाएगा।सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब निर्माण कार्य खुलेआम चल रहा था तो संबंधित हल्का लेखपाल और राजस्व विभाग के जिम्मेदार अधिकारी आखिर अब तक मौन क्यों बने रहे? क्या विभागीय कर्मचारियों की नजर इस अवैध गतिविधि पर नहीं पड़ी, या फिर मामला किसी मिलीभगत की ओर इशारा कर रहा है? क्षेत्र में यह चर्चा भी तेज है कि राजस्व विभाग की निष्क्रियता के कारण अवैध कब्जाधारियों के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं।

शिकायतकर्ता विपिन कुमार ने जिलाधिकारी से मांग की है कि गाटा संख्या 446 और 447 की निष्पक्ष पैमाइश कराई जाए तथा बंजर भूमि पर हो रहे कथित अवैध निर्माण को तत्काल प्रभाव से रुकवाया जाए। साथ ही आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की भी मांग की गई है।अब देखना यह होगा कि योगी सरकार की “भू-माफिया मुक्त अभियान” की नीति के बीच प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी और निष्पक्षता से कार्रवाई करता है, या फिर सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे का यह सिलसिला यूं ही जारी रहेगा।

