धर्मशाला, तपोवन/ 26/11/2025 ब्यूरो चीफ विजय समयाल। हिमाचल प्रदेश की 14वीं विधानसभा का शीतकालीन सत्र सोमवार को राष्ट्रगान के साथ शुरू हुआ। यह सत्र 26 नवंबर से 5 दिसंबर तक चलेगा और पहली बार आठ दिनों तक जारी रहेगा। संविधान दिवस के अवसर पर सदन में संविधान की प्रस्तावना पढ़ी गई तथा सभी सदस्यों को इसकी प्रति उपलब्ध करवाई गई। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पूर्व विधायक स्वर्गीय बाबू राम गौतम के प्रति शोकोद्गार प्रस्ताव पेश किया, जिस पर पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर सहित कई विधायकों ने वक्तव्य दिए। सत्र शुरू होने से पहले सीएम सुक्खू ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर से शिष्टाचार भेंट कर उन्हें शुभकामनाएं दीं।
सत्र के पहले दिन विधानसभा परिसर के बाहर राजनीतिक तापमान भी चढ़ा रहा। चुराह के भाजपा विधायक हंसराज पर लगे पॉक्सो एक्ट के आरोपों को लेकर कांग्रेस विधायकों ने परिसर में धरना प्रदर्शन किया और इस्तीफे की मांग उठाई। मंत्री जगत सिंह नेगी ने भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा के कई नेता यौन शोषण जैसे मामलों में घिरे हैं, लेकिन पार्टी नेतृत्व मौन साधे बैठा है। इसी बीच स्पीकर कुलदीप पठानिया ने स्पष्ट किया कि विधानसभा परिसर के अंदर केवल सदस्यों को ही प्रेसवार्ता की अनुमति होगी, जबकि अन्य किसी व्यक्ति को इसकी अनुमति नहीं मिलेगी।
सत्र में 744 प्रश्न सूचीबद्ध किए गए हैं, जिनमें 604 तारांकित और 140 अतारांकित प्रश्न शामिल हैं। इसके अतिरिक्त नियम 62 के तहत 11, नियम 63 के तहत 4, नियम 101 में 7, नियम 130 में 16 और नियम 324 में एक सूचना प्राप्त हुई है। 28 नवंबर और 4 दिसंबर को गैर-सरकारी कार्य दिवस निर्धारित किए गए हैं। मुख्यमंत्री सुक्खू ने सदन में कहा कि सरकार अपने तीन वर्ष पूरे होने पर किसी प्रकार का जश्न नहीं मनाएगी, बल्कि आगामी विजन प्रस्तुत करेगी। उन्होंने पंचायती राज चुनावों पर भाजपा द्वारा लाए कार्यवाही स्थगन प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए कहा कि सरकार कानून के अनुसार ही कार्य कर रही है और कांग्रेस संविधान की सबसे बड़ी रक्षक है।
सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की संभावना है, जिनमें आपदा प्रबंधन, बाढ़ और भारी बारिश से नुकसान, स्कूलों का विलय, सड़क और पुल निर्माण, स्वास्थ्य संस्थानों का उन्नयन, रिक्त पदों की पूर्ति, पेयजल आपूर्ति, पर्यटन, उद्यान, नशे की रोकथाम तथा परिवहन व्यवस्था जैसे मुद्दे प्रमुख हैं। स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि सत्र को सुचारू रूप से चलाने के लिए दोनों दलों के नेताओं की बैठक बुलाई गई है। गर्माए राजनीतिक माहौल और भारी प्रश्न-सूची के बीच तपोवन में इस बार का शीतकालीन सत्र काफी तेजस्वी और मुद्दों से भरपूर रहने वाला है।

