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अब यूनिवर्सिटी के बाहर फायरिंग! सोलन में क्राइम का नया चेहरा—शैक्षणिक माहौल पर गहरी चोट

RamParkash Vats
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हिमाचल प्रदेश में कानून-व्यवस्था पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। जिला ऊना में गोलीकांड की गूंज अभी थमी भी नहीं थी कि गुरुवार को सोलन भी गोलियों की आवाज़ से दहल उठा। शूलिनी यूनिवर्सिटी के पास सुल्तानपुर रोड पर एक युवक द्वारा सरेआम पिस्टल लहराकर 9 राउंड हवाई फायर करने की घटना ने पूरे क्षेत्र को दहशत में डाल दिया। अचानक हुई गोलीबारी से विद्यार्थी घबराकर इधर-उधर भागने लगे और विश्वविद्यालय परिसर के बाहर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।

आरोपी युवक करीब 10 राउंड तक लगातार फायर करता रहा

इस घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें आरोपी युवक करीब 10 राउंड तक लगातार फायर करता दिखाई दे रहा है। शैक्षणिक संस्थान के बाहर इस तरह खुलेआम हथियार का प्रदर्शन न केवल अपराध का संकेत है, बल्कि यह छात्रों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाता है।

शैक्षणिक माहौल पर खतरा
इस तरह की घटनाएँ सीधे-सीधे कैंपस की शांति और सुरक्षित माहौल को चोट पहुँचाती हैं। जहां किताबें और विचारों की आवाज़ें होनी चाहिए, वहां अब गोलियों की गूंज सुनाई देने लगी है। छात्रों में फैली दहशत यह बताती है कि अगर ऐसी घटनाओं पर कड़ी रोक नहीं लगी, तो शैक्षणिक माहौल बिगड़ना तय है। यह न केवल पढ़ाई पर असर डालेगा, बल्कि माता-पिता के मन में भी अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाएगा।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई, बड़ा हादसा टला
फायरिंग के बाद आरोपी मौके से भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन सोलन पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे दबोच लिया। पुलिस की समय पर की गई कार्रवाई के कारण कोई बड़ा नुकसान होने से बच गया। क्षेत्र में इस समय तनाव और भय का माहौल है और पुलिस की टीमें लगातार गश्त कर रही हैं।

पुरानी रंजिश से जुड़ा मामला?
एसपी सोलन गौरव सिंह के अनुसार, कुछ दिन पहले शूलिनी विश्वविद्यालय के दो छात्र गुटों में कहासुनी हुई थी। उसी को लेकर गुरुवार को उनके परिजनों को बुलाया गया था, तभी यह सनसनीखेज फायरिंग हुई। प्रारंभिक जांच में यह भी स्पष्ट नहीं है कि आरोपी द्वारा इस्तेमाल की गई पिस्टल लाइसेंसी थी या अवैध। हथियार को कब्जे में लेकर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है और युवक से पूछताछ जारी है।

सख्त कदमों की जरूरत
शैक्षणिक संस्थानों के आसपास बार-बार इस तरह की घटनाएँ होना कानून-व्यवस्था की ढील को उजागर करता है। अगर तुरंत कठोर कदम नहीं उठाए गए, तो छात्रों की सुरक्षा और पढ़ाई के वातावरण पर गहरा असर पड़ेगा। समाज और प्रशासन—दोनों को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि कैंपस अपराधियों का नया अड्डा न बनने पाए।

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