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BBMB में हिमाचल को स्थायी सदस्य बनाए जाने पर जोर–मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा—हम अतिरिक्त कुछ नहीं माँग रहे, केवल वैध अधिकार-

RamParkash Vats
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Shimla 18/11/2025 SCB Vijay Samyal:चंडीगढ़ की भूमि एवं परिसंपत्तियों पर हिमाचल प्रदेश का 7.19 प्रतिशत अधिकार लंबे समय से कानूनी और ऐतिहासिक रूप से स्थापित मुद्दा रहा है। इसी अधिकार को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने स्पष्ट कहा कि राज्य कोई नई या अतिरिक्त मांग नहीं कर रहा, बल्कि वही हिस्सा चाहता है जो कानूनन हिमाचल का है।मुख्यमंत्री ने कहा कि चंडीगढ़ के गठन एवं पुनर्गठन के दौरान हिमाचल को निर्धारित 7.19% हिस्सेदारी दी जानी थी, लेकिन दशकों बाद भी यह अधिकार पूरी तरह लागू नहीं किया गया है। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि इस मुद्दे का न्यायपूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए।

भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) में हिमाचल की भूमिका और अधिकारों को लेकर भी मुख्यमंत्री ने मजबूत पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश, जो इन जल–विद्युत् परियोजनाओं का मूल हितधारक है, उसे BBMB में स्थायी सदस्यता मिलनी चाहिए।मुख्यमंत्री सुक्खू ने स्पष्ट कहा कि हिमाचल की भागीदारी केवल बिजली उपभोग तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य ने इन परियोजनाओं के लिए भूमि, पर्यावरण, संसाधन और विस्थापन तक का बोझ झेला है। ऐसे में स्थायी सदस्यता का किसी भी स्तर पर विरोध “अवास्तविक और अनुचित” है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जल–विद्युत् परियोजनाओं में हिमाचल को 12 प्रतिशत मुफ़्त बिजली रॉयल्टी देने की नीति को पूरी तरह लागू किया जाए। कई परियोजनाओं में यह प्रावधान अब भी लंबित है।इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने यह महत्वपूर्ण मांग पेश की कि भविष्य की परियोजनाओं में हिमाचल को मिलने वाली मुफ़्त रॉयल्टी बढ़ाकर 50 प्रतिशत की जाए। उन्होंने तर्क दिया कि—जल–विद्युत् परियोजनाओं का पूरा आधार हिमाचल की नदियाँ और संसाधन हैं।पर्यावरणीय क्षति और विस्थापन का सबसे अधिक भार भी हिमाचल ही उठाता है।इसलिए राज्य को उचित राजस्व और अधिकार मिलना न्यायसंगत और आवश्यक है।मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश अपने वैधानिक अधिकारों के लिए दृढ़ता से खड़ा है और इन मुद्दों पर केंद्र सरकार से सकारात्मक समाधान की अपेक्षा करता है।

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