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शहरी विकास मंत्रियों की दूसरी क्षेत्रीय बैठक आज हैदराबाद में आयोजित हुई—-शहर विकसित भारत का दर्पण हैं: श्री मनोहर लाल

RamParkash Vats
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हैदराबाद में मंगलवार को आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा आयोजित शहरी विकास मंत्रियों की दूसरी क्षेत्रीय बैठक में केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल ने देशभर के मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों से कचरा डंपसाइटों को 100 प्रतिशत सुधारने के लक्ष्य के साथ अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, “शहर विकसित भारत का दर्पण हैं, और इनके स्वच्छ व सुव्यवस्थित होने से ही विकसित भारत की परिकल्पना साकार हो सकती है।”यह बैठक 17 जुलाई 2025 को नई दिल्ली में हुई राष्ट्रीय स्तरीय बैठक के बाद क्षेत्रीय परामर्श श्रृंखला का दूसरा चरण थी। इसमें दक्षिण-पश्चिम भारत के सात राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों—तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, गोवा, गुजरात, महाराष्ट्र, दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव—के शहरी विकास मंत्री, अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव एवं वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

डंपसाइट रीमेडिएशन पर कड़ा रुख

बैठक का प्रमुख फोकस स्वच्छ भारत मिशन-शहरी (SBM-U) के अंतर्गत डंपसाइट रीमेडिएशन एक्सेलरेटर प्रोग्राम (DRAP) रहा। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि देश के 214 पुराने डंपसाइटों की नियमित और गहन निगरानी आवश्यक है। उन्होंने राज्यों से आग्रह किया कि वे इन स्थलों को शत-प्रतिशत उपचार हेतु अपनाएँ ताकि कचरा प्रबंधन के आधुनिक मॉडल को तेज गति मिल सके।

अटल मिशन फॉर रीजुवनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन (AMRUT) और AMRUT 2.0 की समीक्षा के दौरान जल आपूर्ति, वर्षा जल संचयन, जल निकायों के पुनर्जीवन और उपचारित जल के पुनः उपयोग पर व्यापक चर्चा हुई।गुजरात, तेलंगाना और गोवा ने जानकारी दी कि अगले तीन वर्षों में उनके शहर 100% जल-आपूर्ति कवरेज प्राप्त कर लेंगे।महाराष्ट्र और दमन के शहर 90% से अधिक कवरेज के करीब पहुँच चुके हैं।उपचारित जल पुनर्चक्रण में महाराष्ट्र ने 3,000 MLD जल पुनः उपयोग का लक्ष्य रखा है, जबकि गुजरात 2030 तक अपने उपचारित जल का 40% पुनर्चक्रण करना चाहता है।

प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-U) के अंतर्गत खाली पड़े घरों, SNA स्पर्श खाते खोलने तथा लंबित निर्माण कार्यों की प्रगति पर चर्चा की गई। मंत्रालय ने साफ किया कि आवास लक्ष्य राज्यों की वास्तविक मांगों के आधार पर तय किए जाएंगे और JNNURM के अंतर्गत बने पुराने घरों के मूल्यांकन के लिए एक समिति गठित होगी।शहरी गतिशीलता के मोर्चे पर मेट्रो परियोजनाओं, फुटपाथों के विकास और PM-eBus Service योजना की प्रगति पर भी आपसी विचार-विमर्श हुआ।

बैठक में विभिन्न राज्य मंत्रियों ने मंत्रालय के सक्रिय संवाद और सहयोगात्मक दृष्टिकोण की सराहना की। मंत्रालय ने बताया कि राज्यों के साथ क्षेत्रीय दौरे और वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से निरंतर फॉलो-अप किया जा रहा है ताकि शहरी मिशनों की प्रगति पर नज़दीकी नज़र रखी जा सके।आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने घोषणा की कि ऐसी क्षेत्रीय बैठकें देश के अन्य क्षेत्रों में भी आयोजित की जाएँगी, ताकि आपसी सीख, साझा चुनौतियों और क्षेत्रीय अवसरों के आधार पर शहरी परिवर्तन यात्रा को गति दी जा सके।

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