भरमाड़ कार्यालय न्यूज़ इंडिया आजतक संपादन राम प्रकाश वत्स
नई दिल्ली के हिमाचल सदन में आज एक ऐसा क्षण बना, जिसने संकट की घड़ी में मानवीय एकजुटता की शक्ति को फिर से उजागर किया। लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) समूह के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू से मुलाक़ात कर आपदा राहत कोष हेतु 5 करोड़ रुपये का योगदान दिया — यह राशि केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि इंसानियत, करुणा और साझी ज़िम्मेदारी का प्रतीक है।
आपदाएँ जब भी आती हैं, वे केवल घर नहीं उजाड़तीं, बल्कि उम्मीदों को भी चोट पहुँचाती हैं। ऐसे समय में corporates का आगे आना समाज की उस नैतिक भावना को मजबूत करता है, जिसमें “मानव” सबसे पहले है। एलएंडटी द्वारा दिया गया यह योगदान इसी मानवीय दायित्व की गहरी समझ को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने समूह का हृदय से धन्यवाद करते हुए कहा कि संकट के दिनों में दिया गया समर्थन लाखों लोगों के जीवन में नई रोशनी जगाता है। उनका यह आभार सिर्फ़ एक औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि उस मानवीय सहयोग की सराहना है जो पीड़ित परिवारों में विश्वास की लौ जलाए रखता है।
इस अवसर पर एलएंडटी समूह के कार्यकारी उपाध्यक्ष ए.आर. सोनी, उप-महाप्रबंधक सचिन राणा और प्रशासन प्रमुख तरुण कुमार दत्त उपस्थित रहे — तीनों ही यह संदेश देते हुए कि जब बात मानव सेवा की हो, तो संस्थाएँ और व्यक्ति दोनों कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होते हैं।
यह सहयोग न केवल हिमाचल प्रदेश के लिए राहत का मार्ग बनेगा, बल्कि पूरे समाज के लिए यह सीख भी है कि विपत्ति के समय मानवता ही सबसे बड़ा धर्म है। सूत्र: (आई पी आर डी एच पी)

