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तलवाड़ा बीबीएमबी अस्पताल में पीजीआई/एम्स सैटेलाइट सेंटर लाने को सबसे बड़ी बाधा हुई दूर
पीजीआई सैटेलाइट अथवा एम्स सैटेलाइट सेंटर जैसी स्वास्थ्य सुविधाएं स्थापित होने पर पंजाब, हिमाचल प्रदेश एवं सीमावर्ती क्षेत्रों के हजारों गांवों और लाखों लोगों को लाभ मिलेगा।
बीबीएमबी चेयरमैन श्री मनोज त्रिपाठी जी, मुख्य अभियंता/मुख्य अधिकारी श्री राकेश गुप्ता जी तथा सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों का हृदय से धन्यवाद।
तलवाड़ा(Punjab)29/05/2026/ Office Reporter News India Aaj Tak
तलवाड़ा स्थित बीबीएमबी अस्पताल में पीजीआई अथवा एम्स सैटेलाइट सेंटर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति सामने आई है। लंबे समय से उठ रही मांग को अब बड़ा प्रशासनिक समर्थन मिल गया है। जानकारी के अनुसार, 8 मई 2026 को बीबीएमबी फुल बोर्ड ने इस प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है, जिससे परियोजना के सामने मौजूद एक बड़ी बाधा दूर मानी जा रही है।इस संबंध में सामाजिक कार्यकर्ता शिवम शर्मा सनातनी द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, वर्षों से मंत्रालयों और संबंधित अधिकारियों के समक्ष यह प्रमुख प्रश्न उठता रहा कि क्या बीबीएमबी इस परियोजना के पक्ष में है तथा क्या वह इस संबंध में अपना औपचारिक प्रस्ताव भेजेगी। अब बीबीएमबी फुल बोर्ड की स्वीकृति के बाद इस विषय को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
Shivam Sharma Sanatani, अनुसार, 13 फरवरी 2026 को केंद्रीय ऊर्जा मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर एवं ऊर्जा सचिव के समक्ष पीजीआई सैटेलाइट सेंटर, एम्स सैटेलाइट सेंटर और बिलासपुर एम्स के हब-स्पोक मॉडल की मांग रखी गई थी। इसके बाद 17 फरवरी 2026 को ऊर्जा मंत्रालय ने संबंधित पत्र बीबीएमबी चेयरमैन कार्यालय को भेजा।24 फरवरी 2026 को बीबीएमबी सचिव द्वारा बीबीएमबी चीफ तलवाड़ा को इस मांग पर विस्तृत रिपोर्ट और एजेंडा तैयार करने के निर्देश दिए गए। तत्पश्चात बीबीएमबी चीफ कार्यालय द्वारा प्रस्ताव तैयार कर आगे भेजा गया। 11 मार्च 2026 को बीबीएमबी चीफ कार्यालय तलवाड़ा ने पत्र जारी कर प्रस्ताव को फुल बोर्ड को भेजे जाने की जानकारी दी।
अंततः 8 मई 2026 को बीबीएमबी फुल बोर्ड ने प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी। इस उपलब्धि पर बीबीएमबी चेयरमैन मनोज त्रिपाठी, मुख्य अभियंता एवं मुख्य अधिकारी राकेश गुप्ता सहित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया गया है।यदि भविष्य में तलवाड़ा में पीजीआई अथवा एम्स सैटेलाइट सेंटर जैसी स्वास्थ्य सुविधाएं स्थापित होती हैं, तो इसका लाभ पंजाब, हिमाचल प्रदेश तथा सीमावर्ती क्षेत्रों के हजारों गांवों और लाखों लोगों को मिलने की संभावना है।

