शिमला: राज्य चीफ़ ब्योरो विजय समयाल: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने राज्य में फैल रहे चिट्टे के खतरे के खिलाफ निर्णायक युद्ध की घोषणा कर दी है। मुख्यमंत्री ने इसकी शुरुआत 15 नवंबर को शिमला में एंटी चिट्टा वॉकथॉन से करने का फैसला किया है और स्पष्ट कहा है कि यह केवल कार्यक्रम नहीं, बल्कि जन आंदोलन होगा जिसमें प्रदेश का हर नागरिक सहभागी बनेगा।राजधानी शिमला में आयोजन की तैयारियों को लेकर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के कारोबारियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। यह लड़ाई सिस्टम की नहीं, समाज की है और इसमें युवाओं, गाँवों, शहरों, स्कूलों, महाविद्यालयों और अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।
वॉकथॉन का मार्ग और पंजीकरण:मुख्यमंत्री ने बताया कि वॉकथॉन रिज मैदान से चौड़ा मैदान तक आयोजित किया जाएगा, जिसके दौरान प्रतिभागियों के लिए नशा-निवारण से जुड़ी जागरूकता गतिविधियाँ, पोस्टर संदेश, बैनर, जन संवाद और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी होंगी।इसमें शामिल होने के लिए लोग ‘बार कोड’ स्कैन कर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। बड़ी संख्या में युवाओं, छात्र-छात्राओं, स्वयंसेवी संस्थाओं और सामाजिक संगठनों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
तीन महीनों का राज्यव्यापी जन अभियान:मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि यह केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं होगा। 15 नवंबर से शुरू होकर तीन महीने तक,हर जिलेहर उपमंडलपंचायतोंशिक्षण संस्थानोंमें जागरूकता कार्यक्रम चलेंगे।राज्य स्तरीय वॉकथॉन के बाद जिला और उपमंडल स्तर पर भी इसी तरह के आयोजन होंगे जिनमें मंत्रिमंडल, विधायक, जिला अधिकारी और समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।उन्होंने कहा, “नशा समाज को खोखला करता है। अगर प्रदेश की जनता एकजुट हो जाए, तो चिट्टे का कारोबार मिटने में देर नहीं लगेगी।”
किसी को छोड़ा नहीं जाएगा: CM सुखविंदर सिंह सूख्खू ने साफ किया कि नशे का व्यापार करने वाले, सप्लाई चेन चलाने वाले या संरक्षण देने वाले कोई भी व्यक्ति कानून की पकड़ से बाहर नहीं रहेगा।उन्होंने कहा कि सरकार समूल नाश के सिद्धांत पर काम कर रही हैकठोर दंड लगातार निगरानीपुलिस की विशेष टीमेंसीमावर्ती इलाकों में सख्त पहराछात्र समुदाय के लिए जागरूकताइन्हें मिशन मोड में लागू किया जाएगा।
बैठक में विस्तृत समीक्षा बैठक में पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने तैयारियों की पूरी रिपोर्ट रखी।मुख्य सचिव संजय गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव के.के. पंत, अतिरिक्त मुख्य सचिव श्याम भगत नेगी, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, ओएसडी गोपाल शर्मा सहित वरिष्ठ अधिकारी शारीरिक रूप से उपस्थित रहे, जबकि विभिन्न जिलों के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए—सभी तैयारियाँ समय पर पूर्ण की जाएंबड़े पैमाने पर प्रचार-प्रसार होकॉलेजों, स्कूलों, पंचायतों व एनजीओ को जोड़ा जाए—निष्कर्षहिमाचल में चिट्टे का मुद्दा गंभीर रूप ले चुका है। ऐसे में सरकार का यह अभियान प्रदेश के लिए निर्णायक साबित हो सकता है। यदि समाज, प्रशासन, युवाओं और परिवारों की एकजुट भागीदारी सुनिश्चित होती है, तो हिमाचल एक नशा मुक्त हौ सकता है।

