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“झाड़ू को जलाना क्यों है अपशकुन? जानिए वास्तु और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार झाड़ू रखने के सही नियम”

RamParkash Vats
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  1. माँ लक्ष्मी का प्रतीक: झाड़ू को धन और समृद्धि का प्रतीक माना गया है। इसे खुले में रखना लक्ष्मी जी का अपमान समझा जाता है, इसलिए इसे हमेशा छिपी हुई जगह जैसे स्टोर रूम या सीढ़ियों के नीचे रखना शुभ माना गया है।

झाड़ू को जलाना क्यों माना जाता है अशुभ?

  1. लक्ष्मी का अपमान: झाड़ू जलाना देवी लक्ष्मी का अपमान समझा जाता है। ऐसा करने से घर में दरिद्रता और क्लेश बढ़ने की संभावना रहती है।
  2. आर्थिक नुकसान का संकेत: माना जाता है कि झाड़ू जलाने से धन का नाश और आर्थिक संकट आता है। इसलिए इसे कभी भी जलाना नहीं चाहिए।

झाड़ू लगाने का शुभ समय और नियम

सुबह झाड़ू लगाना: सूर्योदय के बाद, सुबह 6:00 से 7:00 बजे का समय झाड़ू लगाने के लिए सबसे शुभ माना जाता है।

यदि इस समय संभव न हो, तो 8:00 से 9:00 बजे के बीच भी झाड़ू लगाया जा सकता है।

शाम या रात में झाड़ू लगाना वर्जित है, क्योंकि इससे घर की सकारात्मक ऊर्जा कम होती है और नकारात्मकता बढ़ती है।


वास्तु अनुसार झाड़ू रखने के अन्य नियम

झाड़ू को कभी भी मुख्य द्वार या कमरे के दरवाजे के सामने न रखें।

इसे लेटाकर और छुपाकर रखें, खड़ा रखना दरिद्रता का संकेत माना जाता है।

बिस्तर के नीचे झाड़ू रखना अशुभ है, इससे आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव बढ़ सकता है।

नई झाड़ू खरीदने और उपयोग शुरू करने का शुभ दिन:

शनिवार शाम को झाड़ू खरीदना और

रविवार या शुक्रवार से उसका उपयोग आरंभ करना शुभ माना गया है।

पुरानी झाड़ू कब फेंकें


पुरानी झाड़ू को शनिवार, अमावस्या, होलिका दहन या ग्रहण के बाद फेंकना शुभ माना गया है।
गुरुवार या शुक्रवार को झाड़ू फेंकना अशुभ है क्योंकि ये दिन लक्ष्मी जी की पूजा के लिए पवित्र माने गए हैं

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