सीता इंटर कॉलेज महमूदाबाद में कवियों ने देशभक्ति की सरिता बहाई, श्रोताओं ने देर रात तक लिया आनंद
महमूदाबाद, सीतापुर/ 26/10/2025प्रदेश चीफ ब्यूरो-अनुज कुमार जैन
सीता इंटर कॉलेज के विशाल प्रांगण में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय कवि सम्मेलन में ओज, शौर्य और हास्य का अद्भुत संगम देखने को मिला। राष्ट्रवादी कवि महेंद्र कुमार शास्त्री ‘सरल’ के जन्मदिन की स्मृति में आयोजित इस कवि सम्मेलन का शुभारंभ विधानसभा कुर्सी विधायक साकेंद्र प्रताप वर्मा एवं आकाश मौर्य ने दीप प्रज्ज्वलन तथा मां सरस्वती, शास्त्री जी, विद्यालय के संरक्षक स्व. लक्ष्मीकांत रस्तोगी व सीता रस्तोगी की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर किया।
कार्यक्रम में पधारे सभी कवियों का स्वागत सीता ग्रुप, महाकाल सेवा समिति व विधायक आशा मौर्य द्वारा स्मृति चिन्ह, चूनर व उत्तरीय भेंटकर किया गया।कवि सम्मेलन की शुरुआत उज्जैन (मध्य प्रदेश) से आए ओज और शौर्य के प्रसिद्ध कवि महेंद्र मधुर ने वाणी वंदना से की। उन्होंने जब पढ़ा—
“सरकारी मेहमान बनाकर मत रखो तहखाने में, गाय काटने वालों के अब हाथ काट दो थाने में।” तो सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
मथुरा से आए अंतर्राष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त कवि मनवीर मधुर ने अपनी कविता—
राम कृपा यदि हो जाए तो हृदय पुष्प खिल जाता है, घोर कष्ट भी हो जीवन में, वो हंसकर झिल जाता है।” से भक्तिभाव का माहौल बना दिया।
कार्यक्रम का संचालन कर रहे हास्य कवि विकास बौखल (बाराबंकी) ने अपनी तुकबंदी से श्रोताओं को खूब हंसाया—
किसी खंजर से न तलवार से जोड़ा जाए, सारी दुनिया को चलो प्यार से जोड़ा जाए।”
लखीमपुर से आए गीतकार ज्ञान प्रकाश आकुल ने गीत—
“चांदी सोना एक तरफ, तेरा होना एक तरफ।” पढ़कर श्रोताओं के दिलों में जगह बना ली।
कवि सम्मेलन की अध्यक्षता रामकिशोर तिवारी ‘किशोर’ (बाराबंकी) ने की। उन्होंने अपनी ओजपूर्ण पंक्तियों—तुम स्वयं अपना दीपक जलाओ सखे, सो गई चेतना को जगाओ सखे।” से लोगों को प्रेरित किया।
इसके अलावा वागीश दिनकर, विनोद गुप्त, अनिल गुप्त ‘ज्योति’ और मृत्युंजय वाजपेयी ने भी अपनी प्रभावशाली रचनाओं से कार्यक्रम में रंग भरे।कार्यक्रम में शास्त्री जी की धर्मपत्नी कृष्णा वाजपेयी, राजाराम यादव, अशोक कुमार, अवधेश चौहान (ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि रेउसा), पंकज सिंह गौर, मोहन बारी, बच्चा सिंह सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।कवि सम्मेलन देर रात तक दो सत्रों में चला, जिसमें हजारों श्रोताओं ने साहित्यिक वातावरण का भरपूर आनंद लिया। कार्यक्रम के अंत में संस्था के डिप्टी मैनेजर वागीश दिनकर वाजपेयी ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।