शिमला/26 अअक्तूबर 2025/ स्टेट चीफ़ ब्यूरो विजय समयाल
पंजाब-हिमाचल सीमा पर तीन-स्तरीय बंदोबस्त, सीसीटीवी निगरानी तेज शिमला, राज्य सरकार ने सीमांत इलाकों में सुरक्षा को लेकर सख़्त कदम उठाए हैं। पंजाब-हिमाचल सीमा से सटे जिलों में पुलिस सतर्कता को बढ़ा दिया गया है। संभावित असामाजिक गतिविधियों और अवैध आवाजाही पर अंकुश लगाने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। सीमावर्ती क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरों की मॉनिटरिंग तेज कर दी गई है और तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है।
राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने बताया कि पड़ोसी राज्यों के साथ सीमांत क्षेत्रों में सुरक्षा की दृष्टि से लगातार समन्वय बनाए रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर से लगते इलाकों में विशेष गश्त बढ़ाई गई है। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस चौकियां सक्रिय की गई हैं और हर वाहन की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि हाल ही में कुछ संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद यह कदम एहतियाती तौर पर उठाया गया है।
सीमा सुरक्षा के पहले चरण में स्थानीय पुलिस को गश्त और नाकाबंदी की जिम्मेदारी दी गई है। दूसरे चरण में विशेष बल (क्यूआरटी और एसआईटी) को तैनात किया गया है, जो किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई करने में सक्षम हैं। तीसरे चरण में खुफिया एजेंसियों को लगाया गया है, जो सीमांत क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही हैं।प्रशासन ने यह भी निर्देश दिए हैं कि रात्रि गश्त को नियमित किया जाए और सीमा से लगते गांवों में लोगों को सतर्क रहने के लिए प्रेरित किया जाए। पुलिस अधिकारी स्थानीय पंचायतों और ग्राम रक्षा समितियों के साथ संपर्क में हैं ताकि सूचनाओं का आदान-प्रदान तेज़ी से हो सके।सीसीटीवी नेटवर्क के माध्यम से सीमाओं की 24 घंटे निगरानी की जा रही है। पुलिस नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) को भी अत्याधुनिक तकनीक से लैस किया गया है।
सीमांत जिलों -ऊना, कांगड़ा और सोलन में सुरक्षा कर्मियों की अतिरिक्त टुकड़ियाँ भेजी गई हैं।सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह कदम किसी विशेष खतरे की प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि राज्य की सुरक्षा प्रणाली को और मज़बूत बनाने की दिशा में उठाया गया एहतियाती कदम है। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी अप्रिय घटना की संभावना को नकारा नहीं जा सकता, इसलिए सुरक्षा व्यवस्था में कोई ढील नहीं दी जाएगी।जनता से अपील की गई है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दें। सरकार का कहना है कि प्रदेश में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।(

