Shimla, न्यूज इंडिया आजतक,राज्य चीफ ब्यूरो विजय समयाल
देश के हजारों विद्यार्थियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। उच्च शिक्षा व्यवस्था से जुड़े दो बड़े विश्वविद्यालयों — Himachal Pradesh University और Sardar Patel University — ने छात्रों के हितों को प्राथमिकता देते हुए प्रवेश और परीक्षाओं को लेकर महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। एक ओर हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर विद्यार्थियों को अतिरिक्त अवसर दिया है, वहीं दूसरी ओर सरदार पटेल विश्वविद्यालय ने छात्रों के आंदोलन और मांगों को स्वीकार करते हुए पीजी परीक्षाओं का नया शेड्यूल जारी कर दिया है।
राज्य के शिक्षा जगत में इन फैसलों को विद्यार्थियों के हित में उठाया गया बड़ा कदम माना जा रहा है। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा जारी संशोधित अधिसूचना के अनुसार अब प्रवेश परीक्षा आधारित और मेरिट आधारित सभी पाठ्यक्रमों के लिए विद्यार्थी 15 मई तक आवेदन कर सकेंगे। पहले निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने आवेदन के लिए अतिरिक्त समय देने की मांग उठाई थी। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने त्वरित निर्णय लेते हुए प्रवेश पोर्टल को दोबारा सक्रिय कर दिया।
विश्वविद्यालय पहले ही एक जून से 15 जून तक आयोजित होने वाली प्रवेश परीक्षाओं का कार्यक्रम घोषित कर चुका है। बीएड प्रवेश परीक्षा अब 15 जून को आयोजित होगी, जबकि एलएलबी, एमबीए, एमसीए, एमए, एमएससी, एमकॉम समेत अन्य पाठ्यक्रमों की प्रवेश परीक्षाएं अलग-अलग तिथियों में आयोजित की जाएंगी। परीक्षा शाखा को रोल नंबर जारी करने, परीक्षा केंद्रों की तैयारी और प्रश्नपत्र वितरण संबंधी सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन अब आगामी प्रवेश परीक्षाओं और पीजी एंड टर्म परीक्षाओं की तैयारियों में पूरी गंभीरता के साथ जुट गया है।
उधर मंडी स्थित सरदार पटेल विश्वविद्यालय में लगातार हो रहे छात्र आंदोलन और ज्ञापनों के बाद प्रशासन को पीजी परीक्षाओं का कार्यक्रम बदलना पड़ा। पहले ये परीक्षाएं 12 मई से शुरू होनी थीं, लेकिन अब नया शेड्यूल जारी करते हुए परीक्षाएं 9 जून से 2 जुलाई तक कराने का निर्णय लिया गया है। छात्रों का कहना था कि कई विभागों में अभी तक पाठ्यक्रम पूरा नहीं हुआ है और तैयारी के लिए पर्याप्त समय भी नहीं मिल पाया। विद्यार्थियों की इन्हीं चिंताओं को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी डीन और विभागाध्यक्षों के साथ बैठक कर परीक्षा कार्यक्रम में बदलाव को मंजूरी दी।
हालांकि विश्वविद्यालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि बीसीए, बीबीए और पीजीडीसीए जैसे सेमेस्टर आधारित पाठ्यक्रमों की परीक्षाएं पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित होंगी। प्रशासन का मानना है कि इन पाठ्यक्रमों के परिणाम समय पर घोषित होना जरूरी है, क्योंकि विद्यार्थियों को इसके बाद विभिन्न व्यावसायिक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेना होता है। वहीं पीजी परीक्षाओं के स्थगन के कारण परिणाम घोषित होने में देरी होना तय माना जा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार मूल्यांकन और परिणाम प्रकाशन की प्रक्रिया में कम से कम एक माह का समय लगता है, ऐसे में पीजी परीक्षाओं के परिणाम अगस्त के पहले सप्ताह से पूर्व आने की संभावना कम है।
इधर बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा को लेकर भी विश्वविद्यालय प्रशासन ने अहम बदलाव किया है। पहले 23 मई को प्रस्तावित यह परीक्षा अब 15 जून को आयोजित होगी। साथ ही दो वर्षीय बीएड पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 22 मई कर दी गई है। यह संयुक्त प्रवेश परीक्षा प्रदेश के सरकारी और निजी बीएड कॉलेजों की करीब 8000 सीटों के लिए आयोजित की जाएगी। परीक्षा प्रदेश के 14 केंद्रों — शिमला, सोलन, नाहन, धर्मशाला, सुंदरनगर, मंडी, कुल्लू, ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, रामपुर बुशहर, कांगड़ा, चंबा और नादौन — में आयोजित होगी।शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि विश्वविद्यालयों द्वारा लिया गया यह निर्णय हजारों विद्यार्थियों को न केवल राहत देगा बल्कि उन्हें बेहतर तैयारी का अवसर भी प्रदान करेगा।

