संपादक राम प्रकाश वत्स
बरसात के बाद अक्सर लोगों के घरों व आसपास सांपों का निकलना आम बात है। लेकिन, कई बार सांपों के काटने से लोगों की मौत की खबरें भी आम जनमानस से अछूती नहीं हैं। हालांकि, मौजूदा समय में सर्पदंश का इलाज कई स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध है, फिर भी मौके पर इलाज न मिलने के कारण कई लोग सर्पदशं से मौत का शिकार होते देखे गए हैं।

फोटो – विकास सन्याल एवं इन्सेट- पकड़ा गया सांप।
जवाली उपमंडल के मकड़ाहन गांव के विकास सन्याल ऐसे शख्स हैं, जो खतरनाक सांपों को पकड़ने का मादा रखते हैं। विकास सन्याल अब तक सैंकड़ों सांप पकड़ चुके हैं। सांप पकड़ने के बाद वह इसे मारते नहीं, बल्कि विरान जगह पर छोड़ देेते हैं। विकास यह कार्य जनहित एवं जीव हित के लिए निःशुल्क सेवार्थ करते हैं। उनका कहना है कि अक्सर लोग सांप को देखते ही उसे मारने की कोशिश करते हैं। जबकि, हमें सांप को नहीं मारना चाहिए। उनका कहना है कि यह हमारी प्रकृति का अहम हिस्सा है और यह मनुष्य को जाबूझकर नुकसान नहीं पहुंचाता है।विकास सन्याल ने बताया कि सांप केवल अपने बचाव के लिए दूसरों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करते हैं और मनुष्य में इसके मनोवैज्ञानिक भय के कारण ज्यादातर मौतें होती हैं।

फोटो – विकास सन्याल एवं इन्सेट- पकड़ा गया सांप।
अतः हमें सांप दिखाई दे तो इसे मारने की बजाय सुरक्षित तरीके से इसे विरान जगह पर पहुंचाने की कोशिश करनी चाहिए। हाल ही में चलवाड़ा गांव में एक घर में क्रेट प्रजाती का एक सांप निकला और विकास को फोन करके बुलाया गया। मात्र पांच मिनट में उन्होंने सांप को पकड़ कर थैले में डाल लिया और एक ऐसी जगह पर छोड़ दिया, जहां पर लोगों की आवाजाही नहीं होती थीं। विकास ने बताया कि उनका पुश्तैनी घर के आसपास भी खेत-खलियानों से कई सांप निकलते रहते थे। वह बचपन से देखते आए हैं कि लोग उन्हें बिना मारे नहीं छोड़ते थे। इसके बाद उन्हें सांप को जिंदा पकड़ने का शौक जागा और धीरे-धीरे उन्होंने इसके लिए उपकरण जुटाने शुरू कर दिए। किसी हुनरमंद से थोड़ा बहुत सिखने के बाद वह छोटे से बड़े सांपों को जिंदा पकड़ते गए और
आज सैंकड़ों सांपों को जिंदा पकड़कर छोड़ चुके हैं। जवाली के आसपास अगर लोगों के घर में कोई सांप निकल आता है और लोग उन्हें फोन कर बुलाते हैं तो वह निशुल्क वहां पहुंचकर सांप को जिंदा पकड़कर इसे विरान जगह पर छोड़ देते हैं। किसी भी व्यक्ति के घर अगर सांप निकल आए तो वह उन्हें इस सेवा के लिए बुला सकता है। उनका कहना है कि सांपों की कई प्रजातियां हैं, जिनमें सबसे आम हैं कोबरा, करैत, रसेल वाइपर और सॉ-स्केल्ड वाइपर, जो इलाके में पाए जाने वाले कुछ प्रमुख जहरीले सांप हैं। इनके अलावा अजगर, धामिन, और बोआ जैसी कई विषहीन प्रजातियां भी हैं।

