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नशे पर नूरपुर पुलिस का करारा प्रहार–हिमाचल प्रदेश में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को नूरपुर पुलिस ने एक नई दिशा दी है

RamParkash Vats
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यह मामला हिमाचल प्रदेश में बढ़ते नशा कारोबार की गहराई को एक बार फिर उजागर करता है। नूरपुर पुलिस के अनुसार, यह इस साल की सबसे बड़ी बरामदगियों में से एक है। पुलिस के सटीक खुफिया तंत्र और सतर्कता के चलते यह तस्करी का प्रयास विफल हुआ।परंतु यह घटना अकेली नहीं है। वर्ष 2025 में अब तक नूरपुर पुलिस जिला में नशा विरोधी मुहिम के तहत कुल 74 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इन अभियानों के दौरान पुलिस ने अब तक 1.53 किलो हेरोइन/चिट्टा, 23.15 किलो चरस, 23.57 किलो चूरा पोस्त (भुक्की) और 344 अफीम के पौधे बरामद किए हैं। इसके अतिरिक्त, पुलिस ने 1.27 करोड़ रुपये से अधिक नकद राशि भी जब्त की है, जो नशे के व्यापार से जुड़ी बताई जा रही है।

पुलिस अधीक्षक अशोक रत्न ने बताया कि नूरपुर पुलिस ने न केवल नशा कारोबार के सिरमौरों को पकड़ने में सफलता पाई है, बल्कि उनके आर्थिक तंत्र को भी कमजोर किया है। अब तक की वित्तीय जांच में पुलिस ने आरोपितों की 24.68 करोड़ रुपये मूल्य की चल-अचल संपत्तियां जब्त की हैं। कई अन्य मामलों में संपत्तियों की जांच और जब्ती की प्रक्रिया जारी है। एसपी ने कहा कि वर्ष 2025 में अब तक 122 आरोपितों को हिरासत में लिया जा चुका है, जिनमें 112 पुरुष और 10 महिलाएं शामिल हैं।

नूरपुर क्षेत्र में नशे का कारोबार धीरे-धीरे संगठित नेटवर्क के रूप में पनपता जा रहा था। परंतु पुलिस की सख्त कार्रवाई ने इस नेटवर्क की कमर तोड़ दी है। पुलिस की यह सतर्कता न केवल कानून व्यवस्था की मजबूती का संकेत है, बल्कि युवाओं को नशे के दलदल से बाहर निकालने का एक प्रेरणादायक प्रयास भी है।स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संस्थाओं ने भी पुलिस के इस अभियान की सराहना की है। उनका कहना है कि नशे के खिलाफ यह जंग सिर्फ पुलिस की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। अभिभावकों, शिक्षकों, पंचायतों और युवाओं को भी इस अभियान में आगे आना होगा। क्योंकि नशा केवल अपराध नहीं, बल्कि समाज की आत्मा को खोखला करने वाली बीमारी है।

नशे की लत युवाओं को अंधकार की ओर धकेल रही है, परिवारों को तोड़ रही है और समाज में असुरक्षा फैला रही है। ऐसे में नूरपुर पुलिस की यह मुहिम उम्मीद की किरण बनकर सामने आई है।यदि इसी तरह पुलिस और जनता एकजुट होकर नशे के खिलाफ मोर्चा संभाले रखें, तो वह दिन दूर नहीं जब हिमाचल प्रदेश “नशामुक्त राज्य” के रूप में देश में उदाहरण बनेगा।शे के विरुद्ध यह लड़ाई लंबी है, पर नूरपुर पुलिस ने साबित किया है कि इच्छाशक्ति, समर्पण और सामूहिक सहयोग से किसी भी जड़ को उखाड़ फेंका जा सकता है। नूरपुर पुलिस की यह कार्रवाई केवल एक ऑपरेशन नहीं, बल्कि एक संदेश है—
“जो नशा बेचेंगे, वे कानून के शिकंजे से बच नहीं सकेंगे।”

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