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एफआईआर विवाद पर सियासी घमासान — जयराम ठाकुर ने सरकार पर तानाशाही का आरोप

RamParkash Vats
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शिमला- मंडी/07/10/2025 राज्य चीफ़ ब्यूरो विजय समयाल

हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के एक कार्यक्रम के दौरान भोजन न मिलने पर नारेबाज़ी करने वाली छात्राओं पर दर्ज हुई एफआईआर ने राज्य की राजनीति को उबाल पर ला दिया है। विपक्ष ने इस पूरे घटनाक्रम को लोकतंत्र पर “हमला” करार दिया है।नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंडी में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि “यह सरकार आलोचना बर्दाश्त नहीं कर पा रही है। अब छात्राओं तक को विरोध करने की सज़ा दी जा रही है। सरकार का रवैया लोकतांत्रिक नहीं बल्कि तानाशाही बन चुका है।”

उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सुक्खू अपनी पार्टी के भीतर असंतुष्ट नेताओं को साधने के लिए दिखावटी सख़्ती दिखा रहे हैं। “छात्राओं पर एफआईआर दर्ज करवाना जनता के बीच भय पैदा करने की कोशिश है। जो भी आवाज उठाएगा, सरकार उसे कानून के डर से चुप कराना चाहती है,” जयराम ने कहा।भाजपा ने इस घटना को कांग्रेस सरकार की असहिष्णुता का प्रतीक बताया है और मांग की है कि छात्राओं पर दर्ज एफआईआर तुरंत वापस ली जाए।पार्टी सूत्रों के अनुसार भाजपा इस मुद्दे को विधानसभा से लेकर सड़क तक उठाने की रणनीति बना रही है।

वहीं, राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि यह विवाद सत्तारूढ़ कांग्रेस के लिए एक नई चुनौती बन सकता है — खासकर तब जब जनता के बीच बेरोज़गारी, महंगाई और आपदा राहत जैसे मुद्दे पहले से सरकार की छवि पर सवाल खड़े कर रहे हैं।इस एफआईआर विवाद ने न सिर्फ़ सत्ता और विपक्ष के बीच टकराव को गहरा किया है, बल्कि यह भी स्पष्ट कर दिया है कि हिमाचल की राजनीति अब संवेदनशील सामाजिक मुद्दों पर और अधिक ध्रुवीकृत होती जा रही है।

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