नई दिल्ली/14/05/2026 : जिनेवा। भारत ने वैश्विक दूरसंचार और डिजिटल नीति निर्माण के क्षेत्र में एक और बड़ी कूटनीतिक एवं तकनीकी सफलता हासिल की है। स्विट्जरलैंड के जिनेवा में 28 अप्रैल से 8 मई 2026 तक आयोजित अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ (आईटीयू) परिषद-2026 की बैठक में भारत ने प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराते हुए वर्ष 2030 में आयोजित होने वाले आईटीयू प्लेनीपोटेन्शियरी सम्मेलन (पीपी-2030) की मेजबानी का प्रस्ताव पेश किया, जिसे परिषद ने स्वीकार कर लिया।दूरसंचार विभाग (डीओटी) के उप महानिदेशक (अंतर्राष्ट्रीय संबंध) श्री मुकेश कुमार के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने परिषद की विभिन्न बैठकों में सक्रिय भागीदारी निभाई। इस दौरान भारत ने डिजिटल सहयोग, वैश्विक दूरसंचार मानकीकरण और नई तकनीकों से जुड़े विषयों पर अपनी मजबूत राय रखी।

भारत के प्रस्ताव को नवंबर 2026 में दोहा में आयोजित होने वाले आईटीयू प्लेनीपोटेन्शियरी सम्मेलन में अंतिम स्वीकृति मिलने की संभावना है। इसे भारत के बढ़ते डिजिटल नेतृत्व और वैश्विक नीति निर्धारण में बढ़ती भूमिका के रूप में देखा जा रहा है।बैठक के दौरान भारत ने आईटीयू परिषद में पुनः निर्वाचन तथा रेडियो संचार ब्यूरो (बीआर) के निदेशक पद के लिए अपनी उम्मीदवारी को भी मजबूती से प्रस्तुत किया। 30 अप्रैल को आयोजित ‘नेटवर्किंग रिसेप्शन’ में 69 सदस्य देशों की भागीदारी रही, जहां भारत ने अपने डिजिटल विजन और तकनीकी क्षमताओं का प्रदर्शन किया। बीआर निदेशक पद की भारतीय उम्मीदवार डॉ. रेवती मन्नेपल्ली ने रेडियो संचार क्षेत्र के लिए अपना दूरदर्शी विजन भी प्रस्तुत किया।

इसके अलावा भारत ने विभिन्न देशों के साथ 15 द्विपक्षीय बैठकें आयोजित कर सहयोग और समर्थन बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास किए।केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने परिषद को वर्चुअल संबोधन में 6जी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और सतत डिजिटल परिवर्तन के क्षेत्र में भारत के स्वैच्छिक योगदान की घोषणा की। इससे वैश्विक दूरसंचार क्षेत्र में भारत की नेतृत्वकारी भूमिका और मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।

