शिमला 28/09/2025, राज्य चीफ़ ब्यूरो विजय समयाल
हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले का कोल्ड डेजर्ट बायोस्फीयर रिजर्व (CDBR) अब वैश्विक मानचित्र पर दर्ज हो गया है। यूनेस्को ने इसे वर्ल्ड नेटवर्क ऑफ बायोस्फीयर रिजर्व्स (WNBR) में शामिल किया है। इस उपलब्धि के साथ भारत के कुल 13 बायोस्फीयर रिजर्व्स अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त कर चुके हैं।मुख्य वन्यजीव अधिकारी अमिताभ गौतम ने इस उपलब्धि को हिमालयी पारिस्थितिकी और स्थानीय समुदायों के लिए मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि इससे अंतरराष्ट्रीय शोध सहयोग, जिम्मेदार इको-टूरिज़्म और जलवायु लचीलापन बढ़ाने में मदद मिलेगी।वहीं केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया पर खुशी व्यक्त करते हुए लिखा कि “भारत अब गर्व से 13 बायोस्फीयर रिजर्व्स WNBR में दर्ज कर चुका है। यह न सिर्फ देश की पर्यावरणीय प्रतिबद्धता को दर्शाता है, बल्कि वैश्विक संरक्षण प्रयासों में हमारी सक्रिय भागीदारी का प्रमाण भी है।”
अंतरराष्ट्रीय मंच पर हिमाचल
यूनेस्को के अनुसार, इस बार 21 देशों के 26 नए बायोस्फीयर रिजर्व्स को सूची में जोड़ा गया है। यह पिछले 20 वर्षों में एक साथ दर्ज की गई सबसे बड़ी संख्या है। अब WNBR में 142 देशों के 785 स्थल शामिल हो चुके हैं। केवल 2018 के बाद से ही करीब 10 लाख वर्ग किलोमीटर अतिरिक्त प्राकृतिक क्षेत्र संरक्षण के दायरे में आए हैं, जो आकार में बोलीविया के बराबर है।कोल्ड डेजर्ट बायोस्फीयर रिजर्व को शामिल करने का निर्णय यूनेस्को के MAB (मैन एंड द बायोस्फीयर) प्रोग्राम की 37वीं बैठक में पेरिस में लिया गया।
कोल्ड डेजर्ट की खासियत
यह रिजर्व 7,770 वर्ग किमी क्षेत्र में फैला है। यहाँ की ऊँचाई 3,300 मीटर से 6,600 मीटर तक जाती है, जो इसे विशिष्ट बनाती है। इसमें पिन वैली नेशनल पार्क, किब्बर वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी, चंद्रताल वेटलैंड और सर्चू मैदान जैसे अहम क्षेत्र शामिल हैं।इन इलाकों की ग्लेशियल घाटियाँ, अल्पाइन झीलें और ऊँचाई वाले शुष्क रेगिस्तानी परिदृश्य इसे ट्रांस-हिमालयन ठंडे पारिस्थितिकी तंत्र का दुर्लभ उदाहरण बनाते हैं।
संरचना और प्रबंधन
रिजर्व को तीन ज़ोन में बांटा गया है—
किकोर ज़ोन (2,665 वर्ग किमी) – सख्त संरक्षण क्षेत्र
बफर ज़ोन (3,977 वर्ग किमी) – नियंत्रित गतिविधियाँ और शोध कार्य
ट्रांज़िशन ज़ोन (1,128 वर्ग किमी) – स्थानीय समुदायों की आजीविका और सतत विकास
इस संरचना का उद्देश्य जैव विविधता संरक्षण, सतत उपयोग और स्थानीय समुदाय की भागीदारी में संतुलन कायम करना है।
शामिल प्रमुख क्षेत्र
बरालाचा पास
भारतपुर
सर्चू
ये स्थान न केवल पारिस्थितिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत के लिहाज से भी खास पहचान रखते हैं।
हिमाचल का कोल्ड डेजर्ट बायोस्फीयर रिजर्व अब वैश्विक संरक्षण परिवार का हिस्सा बन गया है। यह उपलब्धि न केवल भारत के लिए गर्व का विषय है, बल्कि हिमालयी क्षेत्रों में जलवायु परिवर्तन से लड़ने, जैव विविधता को संरक्षित करने और स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है

