भरमाड़,कार्यालय न्यूज़ इंडिया आजतक 18/09/2025/ संपादन राम प्रकाश वत्स
हिमाचल प्रदेश में आपदा से भारी तबाही, जन–धन की क्षति का विस्तृत ब्यौरा
हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश, भूस्खलन और फ्लैश फ्लड ने जन–जीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। राज्य सरकार और प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक रिपोर्टों के मुताबिक अब तक जनहानि से लेकर पशुधन, मकानों और सार्वजनिक ढांचे को भारी नुकसान पहुँचा है।
जन हानि ताज़ा आँकड़ों के अनुसार आपदा में अब तक 57 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें –सड़क हादसे: 22 मौतेंडूबने से: 9 मौतेंऊँचाई से गिरने पर: 5 मौतेंसाँप के काटने से: 4 मौतेंकरंट लगने से: 5 मौतेंपेड़ गिरने से: 1 मौतदीवार गिरने से: 1 मौतबिजली का झटका लगने से: 1 मौतपत्थर लगने से: 2 मौतेंफ्लैश फ्लड से: 7 मौतेंइसके अलावा 2 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं
पशुधन की हानिआपदा ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले पशुधन को भी नहीं बख्शा।कुल मृत मवेशी: 52928 गाय21 भैंस3 खच्चर1 बैल303 बकरियां173 भेड़ेंइस हानि से राज्य को लगभग 78.30 लाख रुपये का नुकसान पहुँचा है।
मकान और ढांचागत नुकसानकुल क्षतिग्रस्त मकान: 1,592अनुमानित क्षति: 1,065.13 लाख रुपयेक्षति सिर्फ घरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि रसोई घर, आटा चक्की, लेबर शेड, शॉप, डंगे और बाथरूम जैसी संरचनाएं भी ढह गईं। अकेले दुकानों का नुकसान 15.25 लाख रुपये आँका गया है।––
कृषि और अन्य क्षतिभूस्खलन और भूमि खिसकने की घटनाओं से कृषि भूमि पर बुरा असर पड़ा है।कई जगह रिटेनिंग वॉल और डंगे टूटने से घर खतरे की जद में आ गए।आंगनबाड़ी, वर्कशॉप और सामुदायिक भवन भी प्रभावित हुए हैं–
उपमंडलवार विस्तृत स्थिति
नूरपुरपूरी तरह क्षतिग्रस्त मकान: उमेश कुमार, भीम कुमार, मनोज कुमार (नुकसान 1.50 लाख)आंशिक क्षति वाले मकान: तिलक राज (50,000), करम दीन (10,000)6 कच्चे मकान क्षतिग्रस्त: नुकसान 1.55 लाखरसोई घर (निर्मला देवी): 1,000 रुपये7 पशुशालाएं क्षतिग्रस्त: कुल नुकसान लगभग 64,000 रुपये
जवालीआंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकान: बलदेव सिंह (30,000), पवन कुमार (1.50 लाख)रसोई घर (देश राज): 15,000 रुपयेपशुशाला (रक्षा देवी): 50,000 रुपये
बैजनाथफ्लैश फ्लड में बृज लाल की 35 बकरियां और भेड़ें मरीं, नुकसान 4.90 लाखग्यानो देवी का मकान पूरी तरह ढहा (1.50 लाख)8 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त, कुल नुकसान 1.10 लाख रुपये से अधिक
बैजनाथ (दूसरा ब्यौरा)7 मकान क्षतिग्रस्त (विमला देवी, मनो देवी, कुसुम कंठवाल आदि), नुकसान 4.85 लाख13 गौशालाएं क्षतिग्रस्त (कुल 1.82 लाख नुकसान)दुकान (राज कुमार) और आटा चक्की (पंजाब सिंह) क्षतिग्रस्त, नुकसान 20,000 रुपये
शाहपुरसल्ली (दरिणी) में उत्तम चंद का मकान क्षतिग्रस्त, नुकसान 35,000 रुपये
धर्मशाला2 कच्चे मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त, परवीन कुमार समेत कई परिवार प्रभावित
देहरा 6 गौशालाएं ढहीं: बैंणी परशाद, चुनी लाल, कृपाल सिंह, जितेंद्र कुमार, निक्कू राम, नवल किशोर (नुकसान 2.7 लाख रुपये)जहरीली घास से 2 भैंसों की मौत, नुकसान 75,000 रुपये2 मकान आंशिक रूप से ढहे (नुकसान 1 लाख)3 गौशालाएं क्षतिग्रस्त (57,000 रुपये का नुकसान)2 मकान पूरी तरह ढहे (2.40 लाख रुपये नुकसान
ज्वालामुखी3 पक्के मकान क्षतिग्रस्त (राज कुमार, मिल्खी राम, केहर सिंह) – कुल नुकसान 1.85 लाख रुपये4 कच्चे मकान पूरी तरह ढहे (सनी कुमार, कंगरु राम, केशो राम, सुबाष चंद) – कुल नुकसान 7.30 लाख रुपये2 कच्चे मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त – कुल नुकसान 45,000 रुपये8 गौशालाएं क्षतिग्रस्त (नुकसान 1.9 लाख रुपये से अधिक
कुल अनुमानित नुकसानअब तक आपदा से हिमाचल प्रदेश में 1,553.60 लाख रुपये की क्षति दर्ज की गई है
प्रशासन की ओर से आश्वासनसरकारी प्रवक्ताओं ने कहा है कि प्रभावित परिवारों को शीघ्र राहत सामग्री और मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा। राहत और पुनर्वास की प्रक्रिया तेज़ी से चल रही है ताकि प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द सामान्य जीवन में लौटने में मदद मिल सके।—
यह आपदा रिपोर्ट साफ़ दर्शाती है कि हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं का असर सिर्फ जन–धन पर ही नहीं बल्कि ग्रामीण जीवन की बुनियादी

