वोट के लिए दबाव, धमकी और अभद्र व्यवहार के आरोप; बीएनएस की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज, चुनाव से पहले गरमाया माहौल
फतेहपर कांगड़ा /14/06/2026/चीफ ब्यूरो विजय समयाल
जिला कांगड़ा के फतेहपुर ब्लॉक समिति अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष चुनाव से ठीक पहले क्षेत्र की राजनीति में बड़ा बवाल खड़ा हो गया है। नव-निर्वाचित बीडीसी सदस्य अनु बाला की शिकायत पर पुलिस थाना फतेहपुर में मामला दर्ज होने के बाद राजनीतिक हलकों में हड़कंप मच गया है। शिकायत में मतदान को प्रभावित करने, राजनीतिक दबाव बनाने, धमकाने तथा महिला सम्मान को ठेस पहुंचाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
भाजपा नेताओं से जुड़े चेहरों पर आरोप, सियासत में मचा हड़कंप
पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार भटोली पकवां निवासी एवं नव-निर्वाचित बीडीसी सदस्य अनु बाला ने आरोप लगाया है कि 12 जून की शाम नरनूह निवासी हरप्रीत संधू और रेहन निवासी नवजोत उनके घर पहुंचे तथा आगामी ब्लॉक समिति अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष चुनाव में भाजपा समर्थित पक्ष के पक्ष में मतदान करने का दबाव बनाने लगे। हरप्रीत संधू भाजपा युवा मोर्चा फतेहपुर मंडल के पूर्व अध्यक्ष तथा वर्तमान में प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य बताए जाते हैं, जबकि नवजोत भी भाजपा युवा मोर्चा से जुड़े रहे हैं। दोनों को पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता राकेश पठानिया का करीबी माना जाता है। ऐसे में मामला सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
“वोट मेरा अधिकार है” कहने पर धमकाने का आरोप
शिकायतकर्ता के अनुसार जब उन्होंने स्पष्ट कहा कि मतदान उनका संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकार है तथा वह अपनी अंतरात्मा की आवाज के अनुसार मतदान करेंगी, तो कथित तौर पर उन्हें धमकियां दी गईं। आरोप है कि सत्ता का प्रभाव दिखाकर मतदान को प्रभावित करने की कोशिश की गई। महिला का कहना है कि बाद में अन्य लोग भी मौके पर पहुंच गए, जिसके बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया और कथित रूप से गाली-गलौज, दबाव तथा अभद्र व्यवहार का सिलसिला शुरू हो गया। महिला ने अपने सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली भाषा के प्रयोग का भी आरोप लगाया है।
बीएनएस की गंभीर धाराओं में मामला, पुलिस जांच शुरू
शिकायत के आधार पर पुलिस थाना फतेहपुर में एफआईआर संख्या 65/2026 दर्ज की गई है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 332(C), 352, 351(2), 79 तथा 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है। इन धाराओं के तहत महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने, अपमानजनक व्यवहार, आपराधिक धमकी तथा साझा मंशा से अपराध किए जाने जैसे आरोपों की जांच की जा रही है। मामले की जांच एएसआई हेमराज को सौंपी गई है।
पुलिस अधीक्षक नूरपुर कुलभूषण वर्मा ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है और सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने अथवा किसी निर्वाचित जनप्रतिनिधि पर दबाव बनाने के आरोपों को गंभीरता से लिया जा रहा है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
फिलहाल किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन चुनाव से ठीक पहले दर्ज इस एफआईआर ने फतेहपुर की राजनीति में भूचाल ला दिया है। 17 जून को होने वाले अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष चुनाव से पहले यह मामला अब राजनीतिक और कानूनी दोनों दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

