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पंडित श्री मस्त राम जी भाली (कांगड़ा) हिमाचल प्रदेश ने बताया कि चंद्रग्रहण 07 सितंबर 2025, रविवार को लगने जा रहा है।

RamParkash Vats
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विशेषकर गायत्री मंत्र, महा मृत्युंजय मंत्र और विष्णु सहस्रनाम का जप करना या गुरु द्धारा दिऐ गए गुरु मंत्र का श्रद्धा भाव से जाप करना चाहिए शुभ माना जाता है। तांत्रिक इस पावन समय तांत्रिक मंत्रों का जाप ऐकांत में इष्ट देव का ध्यान करें।

कर्क (Cancer): मानसिक तनाव बढ़ सकता है। पारिवारिक विवाद से बचें। स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दें। गरीबों को सफेद बस्त्र बांटे, गंगा जल को (धीरे-धीरे “ॐ शांति, शांति, शांति” या “ॐ शांति ॐ” का जाप करें) वह जल अभिमन्त्रित करके हर रोज पान करे और मुखमंडल धोवें

ग्रहण का समय एवं सूतक काल

सूतक काल प्रारंभ: 07 सितंबर को दोपहर 12:57 बजे (9 घंटे पहले)

ग्रहण प्रारंभ: रात्रि 09:58 बजे

चरम स्थिति: रात्रि 11:00 बजे से 12:22 बजे तक

ग्रहण समाप्ति: 08 सितंबर की सुबह 01:26 बजे

12 राशियों पर अलग- अलग प्रभाव पडेगा

मेष (Aries): करियर और व्यवसाय में सकारात्मक बदलाव आएंगे। अचानक धन लाभ होगा। सेहत को लेकर सजग रहें।

वृषभ (Taurus): दांपत्य जीवन में चुनौतियाँ रह सकती हैं। धैर्य और संवाद बनाए रखें। दूध का दान करें

मिथुन (Gemini): रुका हुआ धन वापस मिलेगा। निवेश से लाभ के प्रबल योग।

कर्क (Cancer): मानसिक तनाव बढ़ सकता है। पारिवारिक विवाद से बचें। स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दें। गरीबों को सफेद बस्त्र बांटे, गंगा जल को (धीरे-धीरे “ॐ शांति, शांति, शांति” या “ॐ शांति ॐ” का जाप करें) वह जल अभिमन्त्रित करके हर रोज पान करे और मुखमंडल धोवें

सिंह (Leo): करियर और व्यापार में प्रगति होगी। निजी जीवन में संयम जरूरी है। अहंकार से दूरी बनाएं।

कन्या (Virgo): शत्रुओं पर विजय मिलेगी। छात्रों और प्रतियोगी परीक्षार्थियों को शुभ परिणाम प्राप्त होंगे।

तुला (Libra): दांपत्य जीवन प्रभावित हो सकता है। विवाद से बचें और बच्चों की ओर से चिंता रह सकती है।( ॐ लक्ष्मी नारायणाय नम:) का जाप करें । चांदी की जंजीर पर उपरोक्त मंत्र से जाप करके पहन ले ।

वृश्चिक (Scorpio): यात्रा एवं वाहन से लाभ होगा। गृहस्थ जीवन सुखमय रहेगा। संपत्ति लाभ की संभावना।

धनु (Sagittarius): भाग्य का साथ मिलेगा। रुके कार्य पूरे होंगे। करियर और परिवार में शुभ समाचार मिलेंगे।

मकर (Capricorn): आर्थिक मामलों में सावधानी रखें। खर्च बढ़ सकते हैं। संवाद और संयम जरूरी है। लंगर में लौहे का बर्तन दान करें।

कुंभ (Aquarius): मानसिक और आध्यात्मिक दृष्टि से उत्तम समय। आत्मचिंतन और साधना के लिए अनुकूल।

मीन (Pisces): आर्थिक चुनौतियाँ आ सकती हैं। निवेश सोच-समझकर करें। खर्चों पर नियंत्रण आवश्यक है।


पंडित मस्त राम ने बताया कि चंद्रग्रहण केवल वैज्ञानिक दृष्टि से नहीं देखा जाता, बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यताओं में इसका बड़ा महत्व है।

  1. स्नान और शुद्धिकरण

शास्त्रों में ग्रहणकाल को अशुभ माना गया है, इसलिए ग्रहण लगने से पहले स्नान करने और ग्रहण खत्म होने के तुरंत बाद गंगाजल या शुद्ध जल से स्नान करने की परंपरा है। तीर्थ स्थल पर स्नान करना शुभकारी होता है।

स्नान से शारीरिक और मानसिक शुद्धि मानी जाती है।

  1. दान का महत्व

ग्रहण के समय दान-पुण्य का विशेष महत्व बताया गया है।

भोजन, वस्त्र, अनाज, सोना-चाँदी या दक्षिणा का दान करने से पाप नष्ट होते हैं और पुण्य की प्राप्ति होती है।

  1. मंत्र-जप और पूजा

ग्रहणकाल में मंदिरों के द्वार बंद कर दिए जाते हैं, लेकिन घर पर या किसी पवित्र स्थान पर बैठकर भगवान विष्णु, शिव या माता के मंत्र जपने का महत्व है।

विशेषकर गायत्री मंत्र, महा मृत्युंजय मंत्र और विष्णु सहस्रनाम का जप करना या गुरु द्धारा दिऐ गए गुरु मंत्र का श्रद्धा भाव से जाप करना चाहिए शुभ माना जाता है। तांत्रिक इस पावन समय तांत्रिक मंत्रों का जाप ऐकांत में इष्ट देव का ध्यान करें।

तुलसी और शालिग्राम की पूजा भी लाभकारी मानी जाती है।

  1. गर्भवती महिलाओं के लिए सावधानियाँ

मान्यता है कि गर्भवती महिलाओं को ग्रहणकाल में बाहर नहीं निकलना चाहिए।

नुकीले औजार (चाकू, कैंची आदि) का प्रयोग वर्जित माना जाता है ताकि भ्रूण पर कोई नकारात्मक असर न पड़े।

उन्हें मंत्र-जप, धार्मिक ग्रंथों का पाठ और विश्राम करने की सलाह दी जाती है।

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