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दो दिवसीय शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन (31 अगस्त – 1 सितंबर 2025, तियाँजिन, चीन) में भारत, रूस और चीन—तीनों के बीच किस प्रकार की गतिविधियाँ और वार्ता होने की उम्मीद है, मुख्य बिंदु:

RamParkash Vats
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दिल्ली, 31 अगस्त 2025 न्यूज़ इंडिया आजतक

दो दिवसीय शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन (31 अगस्त – 1 सितंबर 2025, तियाँजिन, चीन) में भारत, रूस और चीन—तीनों के बीच किस प्रकार की गतिविधियाँ और वार्ता होने की उम्मीद है, मुख्य बिंदु:

सम्मेलन का समय और स्थान#यह वार्षिक SCO शिखर सम्मेलन तियाँजिन में 31 अगस्त से 1 सितंबर 2025 तक आयोजित किया जा रहा है ।

यह 25वां Heads of State Council शिखर सम्मेलन है ।

प्रमुख कार्यक्रम और बैठकें

दिन 1 – 31 अगस्त 2025 (रविवार)प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग की द्विपक्षीय वार्ता निर्धारित है—यह उनकी लगभग दस महीने बाद पहली बैठक होगी, जिसमें द्विपक्षीय संबंधों, व्यापार, सीमा तनाव और क्षेत्रीय सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी ।

सम्मेलन में सामूहिक चर्चा में चीन, भारत और रूस समेत सदस्य देशों द्वारा संयुक्त बयान या पथ-निर्देश जारी करने की संभावनाएँ हैं, जो विशेषकर पश्चिमी नीतियों की आलोचना और संसाधनों के संयोजन को उजागर कर सकते हैं ।

रूस-चीन मीट: राष्ट्रपति पुतिन और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच रणनीतिक सहयोग, यूक्रेन विवाद, ऊर्जा परियोजनाएँ (जैसे पावर ऑफ साइबेरिया-2) और BRICS/वित्तीय सुधारों पर बातचीत होने की संभावना है ।

दिन 2 – 1 सितंबर 2025 (सोमवार)#ट्रिलेट्रल वार्ता (मोदी-शी-पुतिन)—विशेष रूप से रूस-भारत-चीन के बीच वैचारिक और व्यापारिक टकरावों के बावजूद, रणनीतिक तालमेल पर चर्चा की उम्मीद है ।

सुरक्षा, आतंकवाद, क्षेत्रीय स्थिरता व आर्थिक सहयोग—इन तीनों देशों की प्राथमिकताएँ हैं: भारत आतंकवाद के खिलाफ स्पष्ट रुख अपनाना चाहता है; चीन अपनी आर्थिक पहल (मल्टीपोलर संस्‍थागत ढांचे) को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है; और रूस पश्चिमी प्रतिबंधों से मुकाबला करने के लिए सहयोग चाहता है ।#

संयुक्त घोषणा/सहमति दस्तावेजों का विमोचन और संभावित समझौते—इसमें ऊर्जा (विशेषकर गैस) और व्यापार समझौतों के तत्व शामिल हो सकते हैं ।

अतिरिक्त महत्वपूर्ण घटनाक्रम#सम्मेलन के तुरंत बाद, 3 सितंबर को बीजिंग में WWII की विजय दिवस पर एक भव्य सैन्य परेड होगी, जिसमें राष्ट्रपति पुतिन मुख्य अतिथि होंगे—साथ में मोदी शामिल होंगे या नहीं, यह स्पष्ट नहीं है ।

SCO के इस सम्मेलन के माध्यम से चीन अपनी ग्लोबल सद का नेतृत्व, मल्टीपोलर विश्व व्यवस्था और पश्चिम के विकल्प के रूप में SCO को आकार देना चाहता है ।

सारांश तालिका: 31 अगस्त – 1 सितंबर 2025 (तियाँजिन, चीन)

दिन प्रमुख कार्यक्रम और वार्ता 31 अगस्त (रविवार)Modi–Xi द्विपक्षीय वार्ता; Putin–Xi रणनीतिक बैठक; समूह चर्चा और नीतिगत बयान1 सितंबर (सोमवार)Modi–Xi–Putin तिमार्ता; क्षेत्रीय/सुरक्षा/आर्थिक सहयोग चर्चा; संभावित दस्तावेज पर हस्ताक्षरइसके बाद3 सितंबर को बीजिंग में विजय दिवस परेड (पुतिन मुख्य अतिथि), और सम्मेलन का प्रभावी फुटप्रिंट

: SCO शिखर सम्मेलन भारत, रूस और चीन के बीच नई कूटनीतिक और रणनीतिक बातचीत के लिए बुनियादी मंच पेश करेगा—जहाँ द्विपक्षीय और त्रिपक्षीय वार्ता, सुरक्षा-आर्थिक सहयोग, और वैश्विक संस्थागत ढांचे पर साझा दृष्टिकोण की रूपरेखा बनेगी।

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