Reading: स्वास्थ्य सहयोग पर ज़ोर: भारत बना रहा है वैश्विक मेडटेक केंद्र की नींव

स्वास्थ्य सहयोग पर ज़ोर: भारत बना रहा है वैश्विक मेडटेक केंद्र की नींव

RamParkash Vats
3 Min Read

दिल्ली, 23 अगस्त 2025 | न्यूज़ इंडिया आजतक | संपादन: राम प्रकाश वत्स

नई दिल्ली के सुषमा स्वराज भवन में आयोजित “सार्वजनिक स्वास्थ्य में स्वास्थ्य अनुसंधान और नवाचार: रिसर्च प्लेटफॉर्म पर अच्छे प्रथाओं का आदान-प्रदान” विषयक क्षेत्रीय बैठक में भारत, नेपाल, श्रीलंका, भूटान और तिमोर-लेस्ते सहित दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी शामिल हुए। बैठक का उद्देश्य स्वास्थ्य अनुसंधान प्रणालियों को मजबूत करने, अच्छे अनुभव साझा करने और सीमा पार सहयोग को गति देना रहा।

दो दिवसीय इस बैठक के तहत आयोजित “मेडिकल-टेक नवाचारों के लिए अंतर-क्षेत्रीय नेटवर्किंग का लाभ उठाना” सत्र की अध्यक्षता औषधि विभाग के सचिव श्री अमित अग्रवाल ने की। अपने संबोधन में उन्होंने स्पष्ट किया कि “स्वास्थ्य की कोई सीमा नहीं होती; सहयोग ही लचीला और मज़बूत चिकित्सा उपकरण पारिस्थितिकी तंत्र की कुंजी है।”श्री अग्रवाल ने कहा कि कोविड-19 महामारी ने यह सिखाया कि स्वास्थ्य सेवाओं की मज़बूती और लचीलापन केवल घरेलू प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए अंतर-राष्ट्रीय सहयोग, सरकारी और निजी संस्थानों की भागीदारी तथा साझा नवाचार अनिवार्य हैं।

उन्होंने बताया कि भारत ने मेडटेक उपकरण क्षेत्र को गति देने के लिए तकनीक, प्रशिक्षित मानव संसाधन, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं और वैश्विक मानकों को अपनाने पर विशेष ध्यान दिया है।उन्होंने भारत सरकार की पहलें—जैसे मेडिकल डिवाइस पार्क, आईसीएमआर की मेडटेक मित्र एवं पेटेंट मित्र योजनाएँ, नैदानिक ​​परीक्षण सहायता कार्यक्रम और अनुसंधान प्लेटफ़ॉर्म—का उल्लेख करते हुए कहा कि ये कदम भारत को एक वैश्विक मेडटेक नवाचार केंद्र बनाने की दिशा में मजबूत नींव रख रहे हैं।

औषधि सचिव ने एनआईपीईआर (राष्ट्रीय औषधि शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान) की भूमिका पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि सात एनआईपीईआर में चिकित्सा उपकरणों पर विशेष पाठ्यक्रम चलाए जा रहे हैं, जिन्हें अब विदेशी छात्रों के लिए भी खोला गया है।अग्रवाल ने यह भी कहा कि डिजिटलीकरण के चलते चिकित्सा प्रौद्योगिकियाँ अस्पतालों से निकलकर घर-घर तक पहुँचेंगी।इससे न केवल स्वास्थ्य सेवाएँ किफायती होंगी, बल्कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक भी गुणवत्ता पूर्ण चिकित्सा सुविधाएँ पहुँचाई जा सकेंगी। उन्होंने विभाग द्वारा विकसित “अकादमिक से उद्योग: डिस्कवरी मार्केटप्लेस” प्लेटफ़ॉर्म को स्वास्थ्य क्षेत्र में स्टार्टअप्स, शैक्षणिक संस्थानों, अनुसंधान केंद्रों और उद्योगों के बीच सहयोग का एक सशक्त माध्यम बताया।

Share This Article
Leave a comment
error: Content is protected !!