31 अक्टूबर और 1 नवंबर को मलकवाल स्थित वी.पी.एम. इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग में राष्ट्रीय स्तर का आयोजन, 200 से 250 प्रबंधक एवं स्वयंसेवक संभालेंगे व्यवस्थाओं का जिम्मा

नूरपुर से विनय महाजन:हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा के नूरपुर क्षेत्र में संस्कृत भाषा, भारतीय संस्कृति और संगठनात्मक गतिविधियों को नई दिशा देने के उद्देश्य से संस्कृत भारती की दो दिवसीय अखिल भारतीय गोष्ठी का आयोजन 31 अक्टूबर एवं 1 नवंबर को किया जा रहा है। यह राष्ट्रीय स्तर का आयोजन वी.पी.एम. इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग, मलकवाल, नूरपुर में होगा। इसमें देशभर से लगभग 480 से 500 दायित्ववान अधिकारी, कार्यकर्ता एवं प्रतिनिधि भाग लेंगे।
इस राष्ट्रीय आयोजन को लेकर व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं। गोष्ठी में अखिल भारतीय, क्षेत्रीय एवं प्रांतीय स्तर के दायित्ववान कार्यकर्ताओं के साथ राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य भी सहभागी होंगे। आयोजन की विभिन्न व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए लगभग 200 से 250 प्रबंधकों एवं स्वयंसेवकों की टीम कार्य करेगी।
संगठनात्मक बैठकों का निर्धारित कार्यक्रम
अखिल भारतीय गोष्ठी से पहले संगठन की विभिन्न स्तरों की महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की जा रही हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 29 अक्टूबर को अखिल भारतीय लघुगण बैठक तथा 30 अक्टूबर को अखिल भारतीय कार्यगण गोष्ठी आयोजित की गई। इसके बाद 31 अक्टूबर एवं 1 नवंबर को मुख्य अखिल भारतीय गोष्ठी होगी। वहीं, 2 नवंबर को पूर्णकालिक कार्यकर्ता गोष्ठी का आयोजन निर्धारित है।
दस विषयगत सत्रों में होगा विचार-विमर्श
इस राष्ट्रीय गोष्ठी के दौरान लगभग दस विषयगत सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनमें संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार, संगठनात्मक विस्तार, वर्तमान आवश्यकताओं, कार्यकर्ताओं की भूमिका तथा भविष्य की योजनाओं से जुड़े विभिन्न विषयों पर गहन चर्चा और विचार-विमर्श किया जाएगा।कार्यक्रम में वृत्त प्रस्तुति, उद्घाटन सत्र, विशेष वृत्त, गणशः सत्र, संगठनात्मक बैठकें तथा अवधारणा आधारित परिचर्चाएं प्रमुख रूप से शामिल रहेंगी। इन सत्रों के माध्यम से संगठन की वर्तमान गतिविधियों की समीक्षा करने के साथ आगामी वर्षों की कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
तीन गणों में होगी भविष्य की योजनाओं पर चर्चा
संगठन की वर्तमान आवश्यकताओं और भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए भविष्य के आयोजनों की रूपरेखा तैयार करने के लिए तीन गणों में विभाजित होकर चर्चा-परिचर्चा की जाएगी। इसके अतिरिक्त देश के 12 क्षेत्रों के लिए आगामी कार्ययोजना तैयार करने के उद्देश्य से व्यापक चिंतन एवं मंथन होगा। इसका लक्ष्य संस्कृत भारती की गतिविधियों को अधिक प्रभावी बनाना तथा देश के विभिन्न क्षेत्रों में संस्कृत भाषा के प्रति जनजागरण को गति देना है।
17 स्थानों पर होंगी दायित्ववान कार्यकर्ताओं की बैठकें
आयोजन के दौरान विभिन्न संगठनात्मक दायित्वों के बेहतर निर्वहन के लिए 17 स्थानों पर दायित्ववान कार्यकर्ताओं की बैठकें आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों में विभागीय योजनाओं, कार्यकर्ताओं के उत्तरदायित्वों के वितरण तथा आगामी कार्यक्रमों के सफल क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत रूपरेखा तैयार की जाएगी।गोष्ठी के समापन सत्र में सभी बैठकों से प्राप्त निष्कर्षों को प्रस्तुत किया जाएगा। साथ ही कार्यकर्ताओं की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए भविष्य की कार्ययोजना को अंतिम रूप देने पर विचार किया जाएगा।
ऐतिहासिक, धार्मिक एवं प्रादेशिक प्रदर्शनी रहेगी आकर्षण का केंद्र
इस राष्ट्रीय आयोजन के परिसर में ऐतिहासिक, धार्मिक एवं प्रादेशिक विषयों पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। प्रदर्शनी के माध्यम से भारतीय इतिहास, सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक परंपराओं और विभिन्न प्रदेशों की विशेषताओं को प्रदर्शित किया जाएगा। इससे देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले प्रतिनिधियों को भारतीय संस्कृति की विविधता और समृद्ध परंपराओं को समझने का अवसर मिलेगा।
संस्कृत भाषा के संवर्धन में सहभागिता का आह्वान
संस्कृत भारती ने हिमाचल प्रदेश सहित देशभर के संस्कृत प्रेमियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और समाज के सभी वर्गों से इस राष्ट्रीय आयोजन में सहभागिता करने का आग्रह किया है। संगठन का उद्देश्य संस्कृत भाषा को जनसामान्य तक पहुंचाना, नई पीढ़ी में इसके प्रति रुचि विकसित करना तथा भारतीय सांस्कृतिक एवं भाषाई विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए सामूहिक प्रयासों को प्रोत्साहित करना है।नूरपुर में आयोजित होने वाली यह अखिल भारतीय गोष्ठी क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण अवसर है। इससे राष्ट्रीय स्तर के संगठनात्मक कार्यकर्ताओं को एक मंच पर विचार-विमर्श करने, अनुभव साझा करने और संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए नई योजनाएं बनाने का अवसर मिलेगा। साथ ही नूरपुर को राष्ट्रीय स्तर के एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक आयोजन की मेजबानी करने का गौरव प्राप्त होगा।

