सरकार गाँव के द्वार’ कार्यक्रम के तहत कुठेहड़ पंचायत में कृषि मंत्री ने सुनीं जनसमस्याएं, अधिकारियों को विकास कार्यों में तेजी लाने और शिकायतों का समयबद्ध निपटारा करने के दिए निर्देश


ज्वाली, 30 अक्तूबरDr N K Sharma:-हिमाचल प्रदेश के कृषि एवं पशुपालन मंत्री प्रो. चन्द्र कुमार ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार और आम जनता को बेहतर सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा पेयजल सेवाएं उपलब्ध करवाना प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। ग्रामीण क्षेत्रों का समग्र विकास तभी संभव है, जब विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। इसी उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा ‘सरकार गाँव के द्वार’ कार्यक्रम के माध्यम से गांवों में पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुनी जा रही हैं तथा उनके समाधान के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं।

कृषि मंत्री शुक्रवार को ज्वाली विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत कुठेहड़ में आयोजित ‘सरकार गाँव के द्वार’ कार्यक्रम के दौरान लोगों से सीधा संवाद कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की तथा ग्रामीणों द्वारा उठाई गई समस्याओं को गंभीरता से सुना।
कुठेहड़-भरमोली पेयजल योजना को किया जा रहा सुदृढ़
पेयजल सुविधाओं का उल्लेख करते हुए कृषि मंत्री ने बताया कि उठाऊ पेयजल योजना कुठेहड़-भरमोली के तहत क्षेत्र में जलापूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किया गया है। योजना के अंतर्गत 50 एमएम की 500 मीटर, 32 एमएम की 1,250 मीटर तथा 25 एमएम की 1,100 मीटर पाइप बिछाई गई है।
उन्होंने कहा कि कुठेहड़ क्षेत्र में भूमिगत जल की उपलब्धता का पता लगाने के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएंगे तथा उपयुक्तता पाए जाने पर ट्यूबवेल स्थापित किया जाएगा। इससे क्षेत्र में पेयजल उपलब्धता को और मजबूत करने में सहायता मिलेगी।

शिक्षा व्यवस्था में सुधार और सीबीएसई स्कूलों का विस्तार
शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी देते हुए प्रो. चन्द्र कुमार ने कहा कि प्रदेश सरकार सरकारी शिक्षण संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश में शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है।उन्होंने बताया कि ज्वाली विधानसभा क्षेत्र के कोटला, ज्वाली एवं नगरोटा सूरियां स्कूलों को सीबीएसई से संबद्ध किया गया है। भविष्य में क्षेत्र के अन्य सरकारी स्कूलों को भी सीबीएसई से संबद्ध करने के प्रयास किए जाएंगे, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध हो सकें।

स्वास्थ्य संस्थानों में विशेषज्ञ चिकित्सक और आधुनिक उपकरण
स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण पर बल देते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में आदर्श स्वास्थ्य संस्थान विकसित कर रही है। इन संस्थानों में छह-छह विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति की गई है। इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य संस्थानों में पुरानी मशीनरी को बदलकर आधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध करवाए जा रहे हैं, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं अपने नजदीकी क्षेत्र में ही मिल सकें।

करोड़ों रुपये के सड़क विकास कार्य प्रगति पर
ज्वाली विधानसभा क्षेत्र में सड़क अधोसंरचना को मजबूत बनाने के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी देते हुए कृषि मंत्री ने बताया कि केहरियां से कुठेहड़ सड़क का चौड़ीकरण 18.50 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। वहीं, भरमाड़ से चेलियां-खब्बल-हार सड़क का निर्माण 8 करोड़ रुपये की लागत से प्रगति पर है।उन्होंने बताया कि दुराना-नढोली सड़क की टारिंग के लिए 63 लाख रुपये का कार्य आवंटित किया गया है। इसके अतिरिक्त लोक निर्माण विभाग के कोटला उपमंडल के लिए पीडीएनए-2025 के तहत 2 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
रजोल-अनूही-बग्गा सड़क तथा देहर खड्ड पर पुल का निर्माण भी 10 करोड़ रुपये की लागत से जारी है। इन विकास कार्यों के पूरा होने से क्षेत्र के ग्रामीणों को आवागमन की बेहतर सुविधा मिलेगी। साथ ही किसानों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों और व्यापारियों को भी लाभ पहुंचेगा।जनसमस्याओं के समाधान में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने विभिन्न विभागों से संबंधित समस्याएं कृषि मंत्री के समक्ष रखीं। मंत्री ने मौके पर उपस्थित अधिकारियों को समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित किया जाए। विकास कार्यों में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए तथा संबंधित विभाग नियमित रूप से कार्यों की प्रगति की निगरानी करें।

उन्होंने कहा कि ‘सरकार गाँव के द्वार’ कार्यक्रम प्रशासन और आम जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है। इससे ग्रामीणों को अपनी समस्याएं सरकार और प्रशासन के समक्ष रखने का अवसर मिलता है तथा विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं को दूर करने में मदद मिलती है।

अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे उपस्थित
इस अवसर पर एसडीएम नरेंद्र जरियाल, संयुक्त निदेशक कृषि राहुल कटोच, अधिशासी अभियंता जल शक्ति अनुराग, खंड विकास अधिकारी मनोज शर्मा, एसडीओ लोक निर्माण विभाग अंकित चौधरी, एसएमएस प्रवीण अत्री, एसडीओ बिजली बोर्ड कुंदन, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष चैन सिंह गुलेरिया, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष प्रदीप वर्मा, कुठेहड़ पंचायत प्रधान अलका, जितेंद्र राणा जीतू, जांगल पंचायत प्रधान राजीव सहित विभिन्न पंचायतों के जनप्रतिनिधि और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
ग्रामीण विकास और जनसुविधाओं पर विशेष जोर
कुठेहड़ पंचायत में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से सड़क, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे ग्रामीण जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। अब संबंधित विभागों के सामने इन कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने और ग्रामीणों की समस्याओं का प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी है।

