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एक साल पहले विभाग ने बजट मिलते ही सड़क पक्की करने का दिया था भरोसा, अब पंचायत ने फिर भेजा स्मरण पत्र

नूरपुर से विनय महाजन। नूरपुर उपमंडल के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों की बदहाल स्थिति को लेकर लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। भड़वार बेल्ट में मुआड़ी से कोट पलाड़ी तक जाने वाली करीब चार किलोमीटर लंबी सड़क इसकी एक प्रमुख तस्वीर सामने रखती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि कई स्थानों पर सड़क और खड्ड के बीच अंतर करना मुश्किल नजर आता है। जगह-जगह पड़े गड्ढे, उखड़ी सड़क, किनारों पर बढ़ी झाड़ियां और जल निकासी के लिए नालियों का अभाव लोगों के लिए रोजमर्रा की आवाजाही को मुश्किल बना रहा है। ग्रामीणों के अनुसार बरसात के दौरान स्थिति और भी गंभीर हो जाती है तथा पानी सड़क पर जमा होने से दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ता है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि सड़क केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि गांवों को मुख्य मार्ग और बाजारों से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी है। इसके बावजूद लंबे समय से इसकी मरम्मत और पक्कीकरण नहीं होने से लोगों में नाराजगी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि वे वर्ष 2024 से लगातार लोक निर्माण विभाग सुल्याली के समक्ष पत्राचार कर सड़क की हालत सुधारने की मांग उठाते आ रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार विभाग की ओर से पिछले वर्ष पत्र के माध्यम से भरोसा दिया गया था कि बजट उपलब्ध होते ही सड़क को पक्का किया जाएगा, लेकिन एक साल बीतने के बाद भी धरातल पर अपेक्षित सुधार दिखाई नहीं दे रहा है। ऐसे में ग्रामीणों का सवाल है कि आखिर वह बजट कब आएगा और सड़क की हालत कब सुधरेगी।
क्षेत्रवासियों के अनुसार सड़क की समस्या केवल गड्ढों तक सीमित नहीं है। सड़क के दोनों ओर उगी झाड़ियां कई स्थानों पर मार्ग को संकरा कर रही हैं, जबकि जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण बारिश का पानी सड़क की सतह को और नुकसान पहुंचा रहा है। पंचायत से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि सड़क की नियमित सफाई, नालियों का निर्माण और समय-समय पर मरम्मत होती रहती तो वर्तमान स्थिति इतनी खराब नहीं होती। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों और अभिभावकों को उठानी पड़ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की खराब हालत के कारण स्कूल बसों का नियमित रूप से गांव तक पहुंचना भी मुश्किल हो जाता है, जिसके चलते बच्चों को कई बार मुख्य मार्ग तक पैदल या अन्य साधनों से पहुंचना पड़ता है। ग्रामीणों ने कहा कि सड़क की हालत खराब होने से एंबुलेंस, बुजुर्गों और आपात स्थिति में मरीजों को ले जाने वाले वाहनों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। सड़क की बदहाली से दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ने की बात भी क्षेत्रवासी कह रहे हैं। उनका कहना है कि खासकर बरसात और रात के समय गड्ढों तथा सड़क किनारे उगी झाड़ियों के कारण वाहन चालकों के लिए खतरा बढ़ जाता है। स्थानीय पंचायत ने इस मामले को एक बार फिर गंभीरता से उठाते हुए इसी सप्ताह लोक निर्माण विभाग को स्मरण पत्र भेजकर सड़क की मरम्मत और पक्कीकरण करवाने का अनुरोध किया है। पंचायत और ग्रामीणों ने विभाग से मांग की है कि कागजी आश्वासन के बजाय अब मौके पर काम शुरू करवाया जाए।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि प्रदेश सरकार और लोक निर्माण विभाग की ओर से समय-समय पर ग्रामीण सड़कों के सुधार को प्राथमिकता देने की बात कही जाती है, लेकिन मुआड़ी से कोट पलाड़ी सड़क की स्थिति इन दावों के धरातलीय क्रियान्वयन पर सवाल खड़े करती है। स्थानीय लोगों ने लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह के उन सार्वजनिक बयानों का भी हवाला दिया, जिनमें प्रदेश की सड़कों के सुधार और रखरखाव को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं की बात कही जाती रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों का समय पर रखरखाव नहीं होगा तो योजनाओं और घोषणाओं का लाभ आम जनता तक कैसे पहुंचेगा। वहीं, इस मामले में लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता वेद व्रत ने कहा है कि विभाग की ओर से सड़क के कार्य के लिए जल्द ही टेंडर लगाए जाएंगे और क्षेत्रवासियों की समस्या का शीघ्र समाधान करने का प्रयास किया जाएगा। विभाग की ओर से मिले इस आश्वासन के बाद अब ग्रामीणों की निगाहें टेंडर प्रक्रिया और मौके पर शुरू होने वाले कार्य पर टिकी हैं। लोगों का कहना है कि पिछले वर्ष भी बजट आने पर सड़क ठीक करने का भरोसा दिया गया था, इसलिए इस बार वे केवल आश्वासन नहीं बल्कि वास्तविक काम देखना चाहते हैं। ग्रामीणों की मांग है कि सड़क की स्थिति का विभागीय अधिकारियों द्वारा मौके पर निरीक्षण किया जाए और निर्माण कार्य शुरू होने तक झाड़ियों की कटाई तथा नालियों की सफाई जैसे तात्कालिक कार्य भी करवाए जाए
उधर, स्थानीय विधायक रणवीर सिंह निक्का ने सड़क की बदहाली के मुद्दे को लेकर कहा कि उन्होंने नूरपुर विधानसभा क्षेत्र की खराब सड़कों का मामला विधानसभा में भी कई बार सरकार के समक्ष उठाया है। विधायक ने आरोप लगाया कि भाजपा विधायकों वाले क्षेत्रों में विकास कार्यों को लेकर सरकार की ओर से अपेक्षित गति दिखाई नहीं दे रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब संबंधित विभाग ने एक वर्ष पहले सड़क को बजट उपलब्ध होने पर पक्का करने का आश्वासन दिया था, तो अब तक काम क्यों शुरू नहीं हुआ। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या सड़क के लिए बजट उपलब्ध नहीं करवाया गया या विभागीय स्तर पर कोई अन्य समस्या सामने आ रही है। विधायक के अनुसार यदि विभाग को किसी प्रकार की दिक्कत थी तो इस संबंध में स्थानीय विधायक से भी बातचीत की जा सकती थी। हालांकि सड़क के निर्माण और टेंडर प्रक्रिया को लेकर अंतिम स्थिति विभागीय कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल मुआड़ी से कोट पलाड़ी सड़क पर आवाजाही करने वाले ग्रामीणों की नजर विभाग के प्रस्तावित टेंडर पर है। क्षेत्रवासियों की मांग स्पष्ट है कि करीब चार किलोमीटर लंबी इस सड़क को जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाए, सड़क किनारे की झाड़ियों को हटाया जाए, जल निकासी के लिए नालियां बनाई जाएं और पक्की सड़क का कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाए। अब देखना यह होगा कि वर्षों से चली आ रही शिकायत और पिछले वर्ष दिए गए आश्वासन के बाद इस बार सड़क की तस्वीर वास्तव में बदलती है या ग्रामीणों को फिर एक नए आश्वासन का इंतजार करना पड़ेगा।

